मॉब लिंचिंग पर कमलनाथ सरकार बना रही कड़ा कानून, अब होगी पांच साल की जेल

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चैतन्य भारत न्यूज

भोपाल. मध्य प्रदेश सरकार गाय के नाम पर होने वाली मॉब लिंचिंग को रोकने के लिए कड़ा कानून बनाने जा रही है। इस कानून के तहत खुद को गौरक्षक बताकर हिंसा करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस संशोधित विधेयक को सरकार विधान सभा के मानसून सत्र में पेश कर पारित कराना चाहती है। यदि यह विधेयक पारित हो जाता है तो फिर राज्य में इस तरह के मामलों के लिए अलग से कानून बन जाएगा।

अभी क्या है कानून

फिलहाल मध्य प्रदेश में जो कानून लागू है, उसके तहत गोमांस रखने, गोवंश की हत्या और उसके परिवहन पर पूरी तरह रोक है। इस कानून में मॉब लिंचिंग या फिर गोवंश के नाम पर हिंसा का जिक्र नहीं है।

संशोधित कानून कैसा होगा

संशोधन के बाद अब कोई व्यक्ति गोवंश का वध, गोमांस और गोवंश का परिवहन, मांस रखना या सहयोग करना या इसके अंतर्गत कोई हिंसा या क्षति करने पर पांच साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान होगा।

भारत में कभी चोरी की शंका से तो कभी गाय के नाम पर हिंसा के मामले में आए दिन ऐसे मामले सामने आते ही रहते हैं। हाल ही में झारखंड के सरायकेला खरसावां में चोरी करने के शक में एक युवक को गुस्साई भीड़ ने इतना पीटा की उसकी जान चली गई। मृतक युवक की पहचान तबरेज अंसार के रूप में हुई थी। तबरेज की उम्र 22 साल थी और उसने इलाज के दौरान दम तोड़ा था। वैसे झारखंड कोई इकलौता राज्य नहीं है जहां मॉब लिंचिंग की घटना हुई हो। बल्कि इससे पिछले भी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, गुजरात और राजस्थान में मॉब लिंचिंग हो चुकी है। मॉब लिंचिंग के कारण अब तक जितने भी लोग मरे हैं उनमें से 7 फीसदी महिलाएं भी हैं।

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