आज है कामिका एकादशी, भगवान शिव के साथ विष्णु को प्रसन्न करने के लिए करें ये व्रत

चैतन्य भारत न्यूज

सावन का महीना सबसे पवित्र माना जाता है। इस महीने में भगवान शिव की पूजा विशेष रूप से की जाती है। सावन का महीना वैसे तो भगवान शिव को समर्पित होता है, लेकिन इस महीने में कुछ खास तिथियों पर भगवान विष्णु की पूजा करने का भी पौराणिक महत्व है। सावन में भगवान विष्णु की पूजा के लिए कामिका एकादशी पर व्रत रखे जाने की मान्यता है।

सावन मास के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली एकादशी को कामिका एकादशी कहते हैं और इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। इस साल यह एकादशी 16 जुलाई को यानी आज है। आइए जानते हैं कामिका एकादशी का महत्व और पूजा-विधि।

कामिका एकादशी का महत्व

इस दिन भगवान विष्णु की विशेष पूजा की जाती है। मान्यता है कि कामिका एकादशी का व्रत करने से सभी तरह के कष्ट दूर होते हैं। कहा जाता है कि, इस व्रत को श्रद्धापूर्वक करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है और सभी बिगड़े काम बन जाते हैं। पुराणों के अनुसार, सावन महीने में पड़ने के कारण इस एकादशी का महत्व और ज्यादा बढ़ जाता है।

कामिका एकादशी की पूजा-विधि

  • कामिका एकादशी के दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करके पीले रंग के वस्त्र पहन कर भगवान विष्णु का ध्यान कर व्रत का संकल्प लें।
  • कामिका एकादशी के दिन पीले रंग का काफी महत्व होता है।
  • इसके बाद भगवान विष्णु की मूर्ति शुद्ध जल से स्नान कराकर भगवान को फल-फूल, तिल, दूध, पंचामृत आदि निवेदित करें।
  • पूजा के दौरान एक आसन पर बैठकर ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः’ मंत्र का 108 बाहर जाप जरूर करें।
  • कामिका एकादशी के दिन सहस्त्रनाम का पाठ अवश्य करें।
  • इस दिन गरीबों और ब्राह्मण भोज करके दान-दक्षिणा का विशेष महत्व होता है।

 

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