बेहमई हत्याकांड : कोर्ट ने टाली सुनवाई, अब 18 जनवरी को आएगा फैसला, फूलन देवी मुख्य आरोपी

phoolan devi

चैतन्य भारत न्यूज

कानपुर. 39 साल पहले देश-प्रदेश की राजनीति में भूचाल ला देने वाले बेहमई कांड पर सोमवार को यानी आज फैसला आना था। लेकिन निचली अदालत ने सुनवाई टाल दी है। इस मामले में आरोपियों के वकील ने कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल कर दी। अब कोर्ट 18 जनवरी को इस मामले पर अपना फैसला सुनाएगी।



बता दें 39 साल पहले 14 फरवरी 1981 को बेहमई गांव में डकैत से सांसद बनी दस्यु सुंदरी फूलन देवी और उनके गिरोह ने कतार में खड़ा कर 20 लोगों की गोली मारकर सामूहिक हत्या कर दी थी। इन लोगों का नाम जगन्नाथ सिंह, तुलसीराम, सुरेंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह, लाल सिंह, रामाधार सिंह, वीरेंद्र सिंह, शिवराम सिंह, रामचंद्र सिंह, शिव बालक सिंह, नरेश सिंह, दशरथ सिंह, बनवारी सिंह, हिम्मत सिंह, हरिओम सिंह, हुकुम सिंह था।

इसके बाद राजाराम सिंह ने फूलन देवी समेत 35 डकैतों के खिलाफ थाना सिकंदरा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले की सुनवाई के दौरान फूलन समेत 15 आरोपियों की मौत हो चुकी है। फूलन ही मुख्य आरोपी थी, लेकिन मौत के बाद उसका नाम हटा दिया गया। इसके अलावा बचे हुए 5 आरोपियों के खिलाफ केस शुरू हुआ। इनके नाम श्याम बाबू, भीखा, विश्वनाथ, पोशा और राम सिंह थे। राम सिंह की भी पिछले साल 13 फरवरी को मौत हो गई थी। फिलहाल पोशा जेल में है और बाकि तीन आरोपी जमानत पर है।

बता दें साल 1983 में फूलन देवी ने कई शर्तो के साथ मध्य प्रदेश में आत्मसमर्पण किया था। फिर वो 1993 में जेल से बाहर आई थी। फूलन देवी समाजवादी पार्टी के टिकट पर मिर्जापुर लोकसभा सीट से दो बार सांसद भी बन चुकी हैं। बता दें 2001 में शेर सिंह राणा ने फूलन देवी की दिल्ली में उनके घर के पास हत्या कर दी थी।

 

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