कानपुर: बदमाश को पकड़ने गई पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग, DSP समेत 8 शहीद

चैतन्य भारत न्यूज

कानपुर. उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां गुरूवार देर रात शातिर बदमाशों को पकड़ने गई पुलिस टीम पर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग हुई। इस घटना में सीओ समेत आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए। जबकि एसओ बिठूर समेत 6 पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

कानपुर के चौबेपुर थाना इलाके में पुलिस ने बिकरू गांव में दबिश दी थी। पुलिस यहां हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को पकड़ने गई थी। गुरुवार रात करीब साढ़े 12 बजे बिठूर और चौबेपुर पुलिस ने मिलकर विकास दुबे के गांव बिकरू में उसके घर पर दबिश दी। जैसे ही फोर्स गांव के बाहर पहुंची तो वहां जेसीबी लगा दी गई. इस वजह से फोर्स की गाड़ी गांव के अंदर नहीं जा सकी.

डीजीपी एचसी अवस्थी के मुताबिक, गाड़ी के अंदर नहीं जाने पाने के कारण पुलिसकर्मी गांव के बाहर ही उतरे और तभी पहले से ही घात लगाए बदमाशों ने फायरिंग करना शुरू कर दी। इस दौरान पुलिस की ओर से भी जवाबी फायरिंग की गई। लेकिन बदमाश ऊंचाई पर थे जिसके कारण वे बच गए। इस वजह से पुलिसकर्मियों को गोलियां लगी है। 8 पुलिसकर्मी शहीद हो गए हैं।

घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर एडीजी कानून व्यवस्था समेत कई अफसर पहुंच गए हैं। साथ ही फॉरेंसिक विभाग की टीम भी पहुंच गई है। इसके साथ ही एसटीएफ को भी मौके पर रवाना किया गया है। डीजीपी एचसी अवस्थी ने कहा कि, अभी हमारा ध्यान सभी घायल पुलिसकर्मियों का बेहतर इलाज कराने की व्यवस्था करने के साथ ही विकास दुबे के खिलाफ ऑपरेशन को भी जारी रखना है, जिससे कि विकास दुबे और उसके साथियों को पकड़ा जा सके। वारदात में इस्तेमाल हथियारों के बारे में जानकारी इकट्ठा करने की भी कोशिश की जा रही है।


एनकाउंटर में बड़ी संख्‍या में पुलिसवालों के मारे जाने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने बदमाशों के खिलाफ सख्‍त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी को लेकर ताबड़तोड़ दबिश दी जा रही है।

शहीद हुए पुलिसकर्मियों के नाम

1-देवेंद्र कुमार मिश्र,सीओ बिल्हौर

2-महेश यादव,एसओ शिवराजपुर

3-अनूप कुमार,चौकी इंचार्ज मंधना

4-नेबूलाल, सब इंस्पेक्टर शिवराजपुर

5-सुल्तान सिंह कांस्टेबल थाना चौबेपुर

6-राहुल ,कांस्टेबल बिठूर

7-जितेंद्र,कांस्टेबल बिठूर

8-बबलू कांस्टेबल बिठूर

कौन है विकास दुबे

विकास दुबे वही अपराधी है, जिसने 2001 में राजनाथ सिंह सरकार में मंत्री का दर्जा पाए संतोष शुक्ला की थाने में घुसकर हत्या की थी। हस्ट्रीशीटर विकास दुबे के खिलाफ आईपीसी की धारा 307 (हत्‍या का प्रयास) के तहत मामला दर्ज है।

 

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