गर्भ से ही बच्चों को संस्कारी बनाएगा यह विश्वविद्यालय, गर्भवती महिलाओं को सिखाएंगे ये चीजें

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चैतन्य भारत न्यूज

कानपुर. उत्तर प्रदेश के कानपुर छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय ने एक अनोखी पहल की है। दरअसल यहां गर्भस्थ शिशुओं को संस्कारवान बनाने के लिए माताओं को गुर सिखाने की शिक्षा दी जाएगी। इतना ही नहीं बल्कि यहां गर्भवती महिलाओं के साथ-साथ अविवाहित लड़कियों को भी प्रवेश दिया जाएगा।



विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर नीलिमा गुप्ता का कहना है कि, ‘आजकल इस महत्वपूर्ण विषय पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। लोगों की जागरूकता के लिए यह कोर्स शुरू कर रहे हैं। अभी शुरू में पाठ्यक्रम की अवधि तीन व छह माह की रहेगी। पढ़ाई पूरी होने के बाद सर्टिफिकेट दिया जाएगा। हालांकि प्रवेश के लिए गर्भवती के साथ ही सामान्य महिलाएं भी आवेदन कर सकती हैं। इसमें 12वीं के बाद प्रवेश के लिए आवेदन किया जाएगा।’

क्या है मकसद 

उन्होंने बताया कि, ‘इसमें गणेश शंकर विद्यार्थी मेडिकल कालेज के प्रोफसर गेस्ट लेक्चरर होंगे। इसके अलावा हमारे यहां के पैरामेडिकल संस्थान के शिक्षक भी पढ़ाएंगे। यह उन्हीं की देखरेख में संचालित होगा। इस पाठ्यक्रम को शुरू करने का मकसद है कि गर्भवती महिलाएं आने वाली पीढ़ी का भविष्य ठीक रखने और उनको संस्कारी बनाने के प्रति जागरूक हों।’

राज्य का पहला ऐसा विश्वविद्यालय

वहीं इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ साइंस के कोऑर्डिनेटर डॉ. प्रवीण कटियार ने बताया कि सीएसजेएमयू राज्य का पहला विश्वविद्यालय होगा, जहां इस पाठ्यक्रम की पढ़ाई होगी। यह कोर्स यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ सांइसेज में चलाया जाएगा।

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