CBI की हिरासत में DHFL के प्रमोटर कपिल और धीरज वाधवान, गिरफ्तारी की तैयारी

vadhwan brothers

चैतन्य भारत न्यूज

मुंबई. केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (डीएचएफएल) के प्रमोटर्स कपिल और धीरज वाधवान को हिरासत में ले लिया है। उनकी गिरफ्तारी की प्रक्रिया चल रही है। इसकी जानकारी महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने रविवार को दी है। उन्होंने बताया कि, गिरफ्तारी के बाद उन्हें सतारा से मुंबई लाया गया। सीबीआई की मांग पर सतारा पुलिस ने सीबीआई को पूरा सहयोग दिया।


गृह मंत्री ने ट्वीट कर लिखा कि, ‘सीबीआई की एक टीम ने डीएचएफएल के प्रमोटर्स कपिल और धीरज वाधवान को हिरासत में लिया है। सतारा पुलिस ने उन्हें सभी आवश्यक सहायता और एक अनुरक्षण वाहन प्रदान किया है जिसमें एक लिखित अनुरोध पर मुंबई तक चार गार्ड दिए हैं। गिरफ्तारी की प्रक्रिया चल रही है। कानून सभी के लिए बराबर है।’

बता दें वाधवान ब्रदर्स तब चर्चा में आए थे जब डीएचएफएल के प्रमोटर कपिल और धीरज वधावन समेत 23 लोगों को महाबलेश्वर जाने की अनुमति दी गई। उनके जाने के लिए गृह विभाग के प्रधान सचिव (विशेष) आईपीएस अमिताभ गुप्ता ने इमरजेंसी पास जारी करवाया था। इस पास की मदद से वे सीबीआई और ईडी से बचने के लिए 8 अप्रैल को परिवार के 21 लोगों के साथ महाबलेश्वर स्थित अपने फार्महाउस जा रहे थे। लेकिन यहां पहुंचते ही पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया था। पुलिस ने वाधवान परिवार के खिलाफ लॉकडाउन तोड़ने पर केस दर्ज किया। सभी लोग एक बिल्डिंग में क्वारैंटाइन कर दिए गए थे।

बता दें यस बैंक मामले में पूछताछ के लिए सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ED) दोनों एजेंसियां कपिल और धीरज की तलाश में थीं। दोनों 8 मार्च से ही छिप रहे थे। कपिल और धीरज को यह डर था कि उन्हें मुंबई से गिरफ्तार कर लिया जाएगा इसलिए वे खंडाला के एक गेस्ट हाउस में छिपे हुए थे, लेकिन लॉकडाउन की वजह से उन्हें इसे छोड़कर महाबलेश्वर जाना पड़ा। लेकिन महाराष्ट्र पुलिस ने वाधवान ब्रदर्स समेत 23 लोगों (उनके परिवार के सदस्यों और नौकरों) को महाबलेश्वर से हिरासत में ले लिया था।

यस बैंक मामले से जुड़ा है कनेक्शन

बता दें यस बैंक के फाउंडर राणा कपूर को ईडी ने 8 मार्च को गिरफ्तार किया था। उनकी गिरफ्तारी के बाद से ही अपनी गिरफ्तारी के डर से वाधवान ब्रदर्स खंडाला गए और वहां एक गेस्ट हाउस में छिप गए। जानकारी के मुताबिक, वाधवान ब्रदर्स पर यह आरोप है कि उन्होंने कपूर परिवार को घूस देकर यस बैंक से सैकड़ों करोड़ के लोन लिए थे। इस मामले में ईडी और सीबीआई ने वाधवान ब्रदर्स को कई बार समन भेजा, लेकिन वे पूछताछ के लिए नहीं गए। आखिरी बार उन्होंने यह बहाना बनाया था कि वे कोरोना वायरस के संक्रमण के डर से घर से बाहर नहीं निकलेंगे। दोनों जांच एजेंसियों ने वाधवान परिवार के मुंबई स्थित आवास और महाबलेश्वर के उनके फार्म हाउस पर छापेमारी भी की थी, लेकिन वे वहां नहीं मिले।

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