कारगिल के हीरो थे लांस नायक आबिद खान, गोली लगने के बावजूद 17 पाक सैनिकों को उतारा था मौत के घाट

kargil vijay divas,kargil vijay divas 2019,abid khan,kargil yoddha abid khan,abid khan story

चैतन्य भारत न्यूज

इस वर्ष कारगिल विजय दिवस की 21वीं सालगिरह है। ऐसे में हम आपको कई ऐसे वीर योद्धाओं की गाथा बताएंगे जो भारत को यह युद्ध जीताने में अपनी जान पर खेल गए। इन्हीं में से एक वीर जवान ऐसा भी है जिसने मरते दम तक हिम्मत नहीं हारी और पाकिस्तान के 17 सैनिकों को मौत के घाट उतार दिया।

kargil vijay divas,kargil vijay divas 2019,abid khan,kargil yoddha abid khan,abid khan story

हम बात कर रहे हैं लांस नायक शहीद आबिद खान के बारे में जिनकी शहादत की कहानी सुनकर आपको भी गर्व होगा। दरअसल भारत और पाकिस्तान के बीच मई से जुलाई 1999 यानी पूरे दो महीने एक युद्ध चला था। इस लड़ाई में भारत के लगभग 527 से ज्यादा जवान शहीद हुए और 1300 से ज्यादा जवान घायल हुए थे। इस जंग का हिस्सा आबिद भी थे।

kargil vijay divas,kargil vijay divas 2019,abid khan,kargil yoddha abid khan,abid khan story

6 मई 1972 को उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के पाली कस्बे में जन्मे आबिद का बचपन से ही सपना था कि, वो भारतीय सेना का हिस्सा बने। इसके बाद वह 5 फरवरी 1988 को सेना से जुड़ गए। इसके ठीक एक साल बाद ही 1999 में कारगिल की जंग शुरू हो गई। आबिद के हेडक्वाटर ने छुट्टी कैंसल कर उन्हें ड्यूटी ज्वाइन करने को कहा।

kargil vijay divas,kargil vijay divas 2019,abid khan,kargil yoddha abid khan,abid khan story

kargil vijay divas,kargil vijay divas 2019,abid khan,kargil yoddha abid khan,abid khan story

इस दौरान आबिद की पलटन को टाइगर हिल फतह करने का टास्क दिया गया था। जंग शुरू होते ही आबिद दुश्मनों पर कहर बनकर टूट पड़े और पाकिस्तान के 17 सैनिकों को मौत के घाट उतार दिया। इस बीच उनके पैर में एक गोली भी लग गई थी बावजूद इसके उन्होंने हार नही मानी और युद्ध जारी रखा। लेकिन इस दौरान दुश्मन की एक गोली आबिद को लगी और अपने वतन की रक्षा करते हुए वे शहीद हो गए।

ये भी पढ़े…

कारगिल युद्ध के दौरान जब पाकिस्तानियों ने की थी माधुरी दीक्षित की मांग, कैप्टन विक्रम बत्रा ने दिया था ऐसा जवाब

कारगिल विजय दिवस: कैप्टन सौरभ कालिया थे पहले शहीद, पाक ने निकाल लिए थे आंख-कान, चेहरे पर सिर्फ आईब्रो बाकी थी

जयंती विशेष: कारगिल युद्ध के इस हीरो को पाकिस्तान ने दिया था ‘शेरखान’ नाम, कुछ ऐसी है वीर सपूत विक्रम बत्रा की कहानी

मरने के बाद फिर से जी उठा था कारगिल युद्ध का यह हीरो, कृत्रिम पैर के सहारे बनाए वर्ल्ड रिकॉर्ड

 

Related posts