ये हैं कारगिल युद्ध से जुड़े 10 महत्वपूर्ण तथ्य, जो आपको जरूर जानना चाहिए

kargil vijay diwas 2019,kargil war,kargil photos

चैतन्य भारत न्यूज

हर वर्ष 26 जुलाई का दिन कारगिल विजय दिवस के रूप मनाया जाता है। साल 2020 में कारगिल विजय दिवस की 21वीं सालगिरह है। भारत और पाकिस्तान के बीच 60 दिनों तक चलने वाले कारगिल युद्ध में कई जवान शहीद हो गए थे। उनके सम्मान हेतु यह दिवस मनाया जाता है। कारगिल युद्ध 26 जुलाई 1999 को खत्म हुआ था। इस युद्ध को ऑपरेशन विजय के नाम से भी जाना जाता है। हम आपको इस मौके पर कारगिल युद्ध से जुड़े कुछ खास तथ्यों के बारे में बता रहे हैं-

  • 1971 में हुए युद्ध के बाद से ही भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष होता रहा। लेकिन जब दोनों देशों ने परमाणु परीक्षण किया तो तनाव और ज्यादा बढ़ गया। फिर दोनों देशों ने 1999 में घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर किए। यह हस्ताक्षर लाहौर में किए गए। इस पत्र में जम्मू-कश्मीर के मुद्दे को शांतिपूर्ण बातचीत के जरिए निपटाने का वादा किया था।
  • हस्ताक्षर करने के बावजूद पाकिस्तान कश्मीर और लद्दाक के बीच की कड़ी को तोड़ने और भारतीय सेना को सियाचिन ग्लेशियर से हटाने के लिए अपने सैनिकों को नियंत्रण रेखा (LOC) के पार भेजने लगा। पाकिस्तान ने इस घुसपैठ को ‘ऑपरेशन बंद्र’ नाम दिया था।
  • शुरुआत में तो इसे केवल घुसपैठ माना गया लेकिन नियंत्रण रेखा में सर्चिंग के बाद घुसपैठियों की रणनीति के बारे में पता चला। भारतीय सेना को यह अंदेशा हो गया था कि पाकिस्तान कोई बड़े हमले की योजना बना रहा है।
  • 3 मई 1999 से ही पाकिस्तान ने कारगिल की ऊंची पहाड़ियों पर करीब 5 हजार सैनिकों के साथ घुसपैठ कर कब्जा जमा लिया था। जब भारत को यह पता चला कि पाकिस्तानियों ने नेकारगिल की ऊंची पहाड़ियों पर कब्जा कर लिया है तो ‘ऑपरेशन विजय’ चलाया गया था। इसी के साथ कारगिल युद्ध की शुरुआत हो गई थी।
  • युद्ध की शुरुआत में पाकिस्तानी सैनिक बहुत ऊंचाई पर और भारतीय सैनिक नीची पहाड़ियों पर थे। ऐसे में पाकिस्तानियों के लिए हमला करना बहुत आसान हो गया था।
  • इस युद्ध के लिए भारत के करीब 30 हजार सैनिक शामिल हुए थे और फिर दोनों पक्षों के बीच युद्ध छिड़ गया।
  • भारतीय सेना ने पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध में मिग-27 और मिग-29 का भी इस्तेमाल किया था। इन लड़ाकू विमानों की सहायता से ही पाकिस्तान के कब्जे वाले स्थान पर बम गिराए गए थे। साथ ही मिग-29 की मदद से पाकिस्तानी सेना के अलग-अलग ठिकानों पर आर-77 मिसाइल से हमला कर उन्हें नष्ट कर दिया था।
  • भारतीय सेना ने करीब 60 दिनों तक यह युद्ध लड़ा और ऊंची पहाड़ियों की चौकी पर हमला कर पाकिस्तान को खदेड़ दिया। इसी के साथ भारत ने कारगिल युद्ध में जीत हासिल कर कारगिल की चोटियों पर तिरंगा फहरा दिया।
  • कारगिल की इस जंग में भारत के करीब 530 जवान शहीद हुए थे, जबकि 1300 से अधिक घायल हुए थे।
  • बता दें कारगिल इतनी ऊंचाई पर है कि वहां सांस लेने में भी बहुत दिक्कत आती है। यहां पर बहुत अधिक ठंड होती है और तापमान लगभग -48 से -50 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहता है। ऐसे में भारतीय सेना ने साहस दिखाकर 60 दिनों तक यहां युद्ध लड़ा और पाकिस्तानी सेना को नष्ट कर दिया।



ये भी पढ़े… 

ये हैं कारगिल युद्ध के वो 6 जांबाज, जिनकी शहादत के बारे में नहीं जानता कोई

कारगिल के हीरो थे लांस नायक आबिद खान, गोली लगने के बावजूद 17 पाक सैनिकों को उतारा था मौत के घाट

मरने के बाद फिर से जी उठा था कारगिल युद्ध का यह हीरो, कृत्रिम पैर के सहारे बनाए वर्ल्ड रिकॉर्ड

 

Related posts