आज से शुरू हुआ कार्तिक का महीना, योग निद्रा से जागेंगे भगवान विष्णु, इन नियमों का जरूर करें पालन

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चैतन्य भारत न्यूज

कार्तिक मास (Kartik Maas 2020) हिन्दू धर्म में अत्यधिक पवित्र महीना माना जाता है। यह चातुर्मास का आखिरी महीना है। इसी माह से देव तत्व मजबूत होता है। 1 नवंबर से 30 नवंबर तक कार्तिक मास रहेगा। इस महीने में व्रत और तप करना बेहद महत्वपूर्ण जाना जाता है। कहा जाता है कि इस दौरान अगर आपने शास्त्रों में दिए गए नियमों का पालन किया तो आपको सुख की प्राप्ति होगी। इसके साथ ही इस मास में न केवल भगवान विष्णु बल्कि मां लक्ष्मी को अत्यंत प्रिय होता है।

कार्तिक महीने में खान-पान और जीवनचर्या का महत्व

इस महीने से स्निग्ध चीजें और मेवे खाने की सलाह दी जाती है। जिन चीजों का स्वभाव गर्म हो और लम्बे समय तक उर्जा बनाए रखें, ऐसी चीजों को खाना चाहिए। इस महीने में दाल (दलहन) खाने की मनाही की गई है। सूर्य की किरणों का स्नान भी इस महीने से उत्तम माना जाता है। इस महीने में दोपहर में सोने की भी मनाही की गई है।

कार्तिक मास में मां लक्ष्मी की कृपा

कार्तिक मास में ही दीपावली जैसा बड़ा पर्व मनाया जाता है, फिर भी इस दौरान कार्तिक मास में हर दिन मां अपने घर में लक्ष्मी की पूजा करें ताकि उनकी कृपा आपके घर पर बरसती रहे। कार्तिक मास में रोज रात्रि को भगवानं विष्णु और लक्ष्मी जी की संयुक्त पूजा करें। गुलाबी या चमकदार वस्त्र धारण करके उपासना करें।

कार्तिक मास का धन से क्या संबंध है?

कार्तिक मास श्री हरि का अत्यंत प्रिय है। अतः मां लक्ष्मी को भी अत्यंत प्रिय है। इसी महीने भगवान विष्णु योग निद्रा से जागते हैं और सृष्टि में आनंद और कृपा की वर्षा होती है। इस महीने में मां लक्ष्मी धरती पर भ्रमण करती हैं और भक्तों को अपार धन देती हैं। मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए ही इस महीने धन त्रयोदशी, दीपावली और गोपाष्टमी मनाई जाती है। इस महीने विशेष पूजा और प्रयोग करके आप आने वाले समय के लिए अपार धन पा सकते हैं और कर्ज व घाटे से मुक्त हो सकते हैं।

कार्तिक मास में मां लक्ष्मी की कृपा कैसे मिलेगी?

वैसे तो कार्तिक मास में मां लक्ष्मी की कृपा के लिए दीपावली जैसा बड़ा पर्व मनाया जाता है। फिर भी कार्तिक मास में हर दिन मां लक्ष्मी की कृपा पाने के उपाय किये जाने चाहिए। कार्तिक मास में रोज रात्रि को भगवानं विष्णु और लक्ष्मी जी की संयुक्त पूजा करें। गुलाबी या चमकदार वस्त्र धारण करके उपासना करें।

इन नियमों का करें पालन

  • तुलसी के पौधे की पूजा करना और उनकी सेवा करना इस महीने में बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दौरान मां तुलसी की पूजा करने का महत्व दोगुना हो जाता है।
  • इसके साथ ही इस दौरान अगर आप सनीचे सोते हैं तो मन में पवित्र विचार आते हैं। दरअसल भूमि पर सोना कार्तिक मास का तीसरा प्रमुख काम माना गया है।
  • कार्तिक मास में ब्रह्मचर्य का पालन जरूरी है। इसका पालन नहीं करने पर पति-पत्नी को दोष लगता है और इसके अशुभ फल भी प्राप्त होते हैं।
  • कार्तिक के पवित्र महीने में दीपदान जरूर करना चाहिए। कहा जाता है कि इससे पुण्य की प्राप्ति होती है। इस महीने में नदी, पोखर, तालाब आदि में दीपदान किया जाता है।

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