कार्तिक पूर्णिमा पर बन रहा है ये शुभ संयोग, जानिए इस दिन क्यों की जाती है तुलसी पूजा और गंगा स्नान

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चैतन्य भारत न्यूज

हिंदू धर्म में कार्तिक पूर्णिमा को काफी महत्वपूर्ण माना गया है। यह पर्व हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को आता है। इस साल कार्तिक पूर्णिमा 12 नवंबर को मनाई जा रही है। इस खास दिन नदियों में स्नान, दीपदान, भगवान विष्णु और शिव जी की पूजा और दान का बहुत बड़ा महत्व माना गया है। इसे दीप दिवाली भी कहा जाता है। कार्तिक पूर्णिमा पर तुलसी पूजा का भी विशेष महत्व है। आइए जानते हैं कार्तिक पूर्णिमा के शुभ संयोग, तुलसी पूजा का महत्व और गंगा स्नान का महत्व।



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कार्तिक पूर्णिमा पर तुलसी पूजा का महत्व

बिना तुलसी के विष्णु जी की पूजा पूरी नहीं मानी जाती है। कार्तिक पूर्णिमा को ही तुलसी का अवतरण हुआ था। तुलसी भगवान विष्णु को प्रिय हैं और यह मास भी विष्णु का माना जाता है। इसलिए इस दिन गंगा स्नान के साथ तुलसी पूजा का काफी महत्व है।

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इस दिन है गंगा स्नान का महत्व

धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, कार्तिक मास की पूर्णिमा यानी कार्तिक पूनम के दिन गंगा स्नान करने से साल भर किए गए सभी बुरे कर्मों से मुक्ति मिलती है। मन से बुरी भावनाओं का विनाश होता है और अच्छे विचारों का वास होता है। माना जाता है कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान करने से सालभर के गंगा स्नान का फल मिलता है। इस दिन सिर्फ गंगा ही नहीं बल्कि अलग-अलग क्षेत्रों में पवित्र मानी जाने वाली और पूजी जाने वाली नदियों और सरोवरों में भी श्रद्धालु स्नान कर पुण्य अर्जित करते हैं।

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कार्तिक पूर्णिमा पर शुभ संयोग

ज्योतिष के मुताबिक, इस साल कार्तिक पूर्णिमा पर महालक्ष्मी, केदार और वेशि योग का संयोग बन रहा है। चंद्रमा से मंगल के सप्तम भाव में रहने से महालक्ष्मी योग बनेगा। मान्यता है कि कुश लेकर इस तिथि पर गंगास्नान या स्नान करने से सात जन्म के पापों का नाश हो जाता है।

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