पुलवामा हमले के बाद कश्मीर के पांच बड़े नेताओं की सुरक्षा ली वापस

चैतन्य भारत न्यूज।

कश्मीर के पुलवामा जिले में आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवानों के शहीद होने के तीन दिन बाद रविवार को प्रशासन ने मीरवाइज उमर फारुक समेत पांच अलगाववादी नेताओं की सुरक्षा वापस ले ली है। अधिकारियों का कहना है कि इन पांच नेताओं और अन्य अलगाववादियों को किसी भी चीज की आड़ में सुरक्षा मुहैया नहीं कराई जाएगी।

किन-किन अलगाववादी नेताओं की सुरक्षा वापस ली

मीरवाइज उमर फारूक, अब्दुल गनी बट, बिलाल लोन, हाशिम कुरैशी और शबीर शाह शामिल हैं।

सालाना होते हैं 10 करोड़ रूपए खर्च

कश्मीर के अलगाववादी नेेताओं की सुरक्षा पर सरकार सालाना करीब 10 करोड़ रुपए खर्च करती है।आरटीआई में यह बात सामने आई है।इनकी सुरक्षा और सुविधाओं पर खर्च राज्य सरकार करती है।

करोड़ों रुपए होते थे खर्च, 600 जवान लगे थे सुरक्षा में

बता दें कि 1990 और 2002 में बड़े अलगाववादी नेता मीरवाइज फारूख और अब्दुल गनी लोन पर हमले के बाद सरकार ने अलगाववादियों को सुरक्षा देना शुरू किया था। सरकार अलगाववादियों पर साल में करीब 11 करोड़ सुरक्षा, 2 करोड़ विदेशी दौरे और 50 लाख गाड़ियों पर खर्च करती थी। साथ ही करीब 600 जवान सुरक्षा में लगे रहते थे। 2018 में जम्मू-कश्मीर सरकार के पेश आंकड़ों के मुताबिक, 2008 से लेकर 2017 तक अलगाववादियों को सुरक्षा मुहैया करवाने पर 10.88 करोड़ रुपए खर्च किए गए।

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