‘खानदानी शफाखाना’ के जरिए सेक्स के प्रति लोगों की झिझक दूर करना चाहती हैं सोनाक्षी, बताई फिल्म चुनने की वजह

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चैतन्य भारत न्यूज

नौ साल के करियर में आठ सुपरहिट फिल्में दें चुकीं एक्ट्रेस सोनाक्षी सिन्हा जल्द ही एक और खास फिल्म के जरिए पर्दे पर धमाल मचाने को तैयार हैं। हम बात कर रहे हैं फिल्म ‘खानदानी शफाखाना’ के बारे में जो इन दिनों अपने अनोखे विषय को लेकर सुर्खियों में है। बता दें फिल्म ‘खानदानी शफाखाना’ सेक्स क्लीनिक चलाने वाली महिला डॉक्टर की कहानी से जुड़ी है। इस वजह से ये फिल्म समाज के लिए सेक्स को लेकर बनी रूढ़िवादी सोच को बदल सकती है। फिल्म में अपने किरदार के लिए सोनाक्षी को ट्रोल भी किया जा चुका है।

सोनाक्षी ने हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान बताया कि, फिल्म में ऐसे किरदार के लिए हां करने में शुरुआत में वो झिझक रही थीं। दरअसल, सोनाक्षी हमेशा ऐसी फिल्में चुनती हैं जिन्हें परिवार सहित देखा जा सके। सोनाक्षी ने अपने किरदार के बारे में बताया कि, ‘फिल्म में, मेरा किरदार छोटे शहरों में सेक्स को लेकर व्याप्त सामाजिक हिचकिचाहट और अज्ञानता को खत्म करने के संघर्ष पर आधारित है। ऐसी फिल्मों में हमेशा पुरुष कलाकार ही मुख्य भूमिका में होता है। मुझे खुशी है कि मैं इस विषय को उठा रही हूं।’

सोनाक्षी ने कहा कि, ‘अभी तक मैंने सिर्फ पारिवारिक फिल्में ही की हैं। इसलिए मैं हमेशा कंफ्यूज्ड थी, लेकिन जब उन्होंने मुझे विषय के बारे में बताया तो मैं तैयार हो गई। फिल्म साइन करते वक्त मैं ध्यान रखती हूं कि क्या मैं वह फिल्म अपने परिवार के साथ देख पाऊंगी।’ सोनाक्षी ने आगे कहा कि, ‘हम अपनी सोसायटी को आधुनिक जरूर बताते हैं, लेकिन आज भी हम खुलकर सेक्स के बारे में बात नहीं कर सकते। फिल्म में लैंगिक समानता आदि महत्वपूर्ण मुद्दों को छुआ गया है।’

सोनाक्षी का कहना है कि, ‘अगर कोई पुरुष गायनेकोलॉजिस्ट होता है तो लोगों को उसमें कोई आपत्ति नहीं होती, लेकिन अगर कोई महिला सेक्स से संबंधित रोगों का इलाज करती है तो ये देख लोग अहसज हो जाते हैं। इसलिए मैं खुश हूं कि मैं पहली ऐसी अभिनेत्री हूं जो इस तरह की फिल्म में काम कर रही हूं’।

सोनाक्षी ने कहा कि उन्होंने यह फिल्म इसलिए चुनी क्योंकि इसके माध्यम से वह सबको यह बताना चाहती हैं कि सेक्स ऐसा विषय है जिस पर सभी को खुलकर बातचीत करनी चाहिए। वो नहीं चाहती कि कोई भी महिला या पुरुष इस विषय पर बात करने में शर्माए। उन्हें उम्मीद है कि यह फिल्म इस तरह के विषय के बारे में चर्चा करने को बढ़ावा देगी। उनकी फिल्म को देखने के बाद लोग इस विषय पर सोचेंगे और इस बारे में बात कर सकेंगे।

फिल्म की डायरेक्टर शिल्पी दासगुप्ता ने बताया कि, उन्हें यह जानकर हैरानी हुई कि हमारे देश में कई राज्य ऐसे भी हैं जहां स्कूलों में सेक्स एजुकेशन बैन है। शिल्पी का कहना है कि, ‘यह ऐसा विषय है जिसके बारे में सभी को पता होना चाहिए। सोनाक्षी इस चुनौतीभरे किरदार को निभाकर उन लोगों की सोच बदलेगी जो इस विषय पर बात करने में भी शर्माते हैं।‘ उन्हें उम्मीद है कि इस फिल्म के जरिए वह उन लोगों की सोच बदल सकेंगे जो सेक्स को गंदे शब्द के रूप में देखते हैं।

बता दें इस फिल्म में रैपर बादशाह भी नजर आने वाले हैं। इस बारे में बादशाह का मानना है, ‘सेक्स पर खुलकर बात करना बुरा नहीं है। जब तक सेक्स पर खुलकर बात नहीं करेंगे, तब तक सेक्स से जुड़ी समस्याओं को समझोगे कैसे।‘ बादशाह ने आगे कहा कि, ‘हमारी फिल्म ‘खानदानी शफाखाना’ में बताया गया है कि सेक्स को सेक्स ही बोलो तभी बात बनेगी।’ उनका कहना है कि, ‘सेक्स से जुड़े कई अहम मुद्दों पर बात करने की कोशिश कीजिए। इस बारे में बात करना गलत नहीं है। क्योंकि जब तक इस बारे में बात नहीं करेंगे तब तक सेक्स से जुड़ी समस्याओं को कैसे सुलझाएंगे।’ बता दें ये फिल्म 2 अगस्त को रिलीज होगी।

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