शुरू हुआ खरमास, जानें इस दौरान क्या करें और क्या न करें

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चैतन्य भारत न्यूज

हिंदू धर्म के अनुसार जब भी सूर्य गुरु की राशि धनु या मीन राशि में प्रवेश करता है, उस अवधि को खरमास या खलमास कहा जाता है। इस साल 14 मार्च दिन शनिवार से खरमास लग गया है जो कि 13 अप्रैल तक रहेगा। इस दौरान कोई भी मांगलिक कार्य नहीं किए जाएंगे। आइए जानते हैं इस दौरान क्या करना चाहिए और क्या नहीं…



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सूर्य का गोचर

इस समय सूर्य गुरु की राशि मीन में गोचर कर रहे हैं। सूर्य के इस गोचर का सभी 12 राशियों पर प्रभाव पड़ेगा। इस समय नव ग्रह की शांति का उपाय करना चाहिए। सूर्य जब भी गुरु की राशि में प्रवेश करते हैं तब तब खरमास लग जाता है।

क्या नहीं करना चाहिए?

शास्त्रों के अनुसार खरमास की अवधी में कोई भी शुभ मांगलिग धार्मिक आयोजन नहीं करना चाहिए, जैसे- विवाह, नए घर में गृह प्रवेश, नए वाहन की खरीदी, संपत्तियों का क्रय विक्रय करना, मुंडन संस्कार, सगाई, वधू प्रवेश जैसे अनेक शुभ कार्यों को इस एक माह तक नहीं किया जाएगा।

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इस माह में क्या करना चाहिए

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस माह पूजा-पाठ का विशेष महत्व होता है। इस महीने में हमें अधिक से अधिक भजन करने चाहिए। खरमास में भगवान शिव और विष्णु की पूजा करनी चाहिए। इन दोनों देवताओं की पूजा करने से जीवन में आने वाली समस्याओं से मुक्ति मिलती है। इस मौसम में आलस्य और कई रोगों से संक्रमित होने का भी खतरा रहता है। इसलिए भगवान का ध्यान लगाएं। स्वच्छता का ध्यान रखें। 14 मार्च से 13 अप्रैल, खरमास के दाैरान सूर्य देव की पूजा करने से भी विशेष लाभ होता है। इस महीने सूर्य देव को जल चढ़ाने से आरोग्यता मिलती है।

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