देशभर में किसानों का रेल रोको प्रदर्शन, हरियाणा-पंजाब में किसान रेलवे ट्रैक पर बैठे

चैतन्य भारत न्यूज

कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन का आज 85वां दिन है। आज किसान संगठन देशभर में रेल रोक अभियान चला रहे हैं। गुरुवार को देश में दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक ये अभियान चलाया जा रहा है। दिल्ली, हरियाणा, यूपी, पंजाब में मुख्य तौर पर इसके तहत सुरक्षा बढ़ाई गई है। इस प्रदर्शन का हरियाणा-पंजाब में ज्यादा असर दिख रहा है। दोनों राज्यों के कई बड़े शहरों में प्रदर्शनकारी ट्रैक पर बैठ हैं।

शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना चाहते हैं- किसान

किसानों का कहना है कि, ‘वे शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना चाहते हैं। साथ ही जनता तक अपनी बात भी पहुंचाना चाहते हैं। किसी को परेशान करना उनका मकसद नहीं है। इसलिए ट्रेन में सफर कर रहे बच्चों के लिए दूध-पानी के इंतजाम किए गए हैं।’ किसानों का रेल रोको अभियान जारी है। इस अभियान पर रेलवे का कहना है कि इसका काफी कम असर हुआ है, कुल 25 ट्रेनों पर ही इसका असर देखने को मिला है।

NCR में मेट्रो पर भी असर

किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए मेट्रो रेल प्रबंधन भी एहतियात बरत रहा है। टीकरी बॉर्डर मेट्रो स्टेशन, पंडित श्रीराम शर्मा, बहादुरगढ़ सिटी और ब्रिगेडियर होशियार सिंह मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए हैं।

20 हजार जवान तैनात

किसानों के रेल रोकने की घोषणा को देखते हुए देशभर में रेलवे प्रोटेक्शन स्पेशल फोर्स (RPSF) की 20 एक्स्ट्रा कंपनियां यानी करीब 20 हजार अतिरिक्त जवान तैनात किए हैं। इनमें से ज्यादातर को पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में तैनात किया गया है। रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स के DG अरुण कुमार ने प्रदर्शनकारियों से अपील की है कि वे शांतिपूर्ण प्रदर्शन करें और ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों को परेशानी नहीं हो।

किसान नेता बोले- कानून वापसी से पहले घर वापसी नहीं

किसान इस बात पर अड़े हैं कि सरकार तीनों कृषि कानूनों को वापस ले। भारतीय किसान यूनियन (हरियाणा) के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चंढूनी ने एक बार फिर कहा है कि उनका संगठन किसानों के हितों के लिए लड़ रहा है और नए कृषि कानूनों की वापसी तक वे अपने घरों को नहीं लौटेंगे। चंढूनी ने कहा कि देशभर में पंचायत और महापंचायत जैसे कार्यक्रमों के जरिए लोगों को बताया जाएगा कि केंद्र सरकार आम लोगों की नहीं बल्कि कॉरपोरेट्स की है।

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