कोटा: 48 घंटे में 10 बच्चों की मौत, सीएम गहलोत बोले- हर रोज 3-4 मौतें होती हैं, कोई नई बात नहीं

चैतन्य भारत न्यूज

कोटा. देश को सबसे ज्यादा डॉक्टर देने वाली कोचिंग सिटी के नाम से मशहूर ‘कोटा’ की चिकित्सा व्यवस्था इन दिनों सवालों के घेरे में है। दरअसल कोटा के जेके लॉन अस्पताल में महज 48 घंटों में 10 बच्चों की मौत हो गई। लगातार हो रही नवजात बच्चों की मौत को लेकर सियासत भी गरमा गई है। इस मामले पर अब राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की प्रतिक्रिया सामने आई है।



मुख्यमंत्री गहलोत ने नवजात बच्चों की मौत को दुखद बताया है। उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि, ‘पिछले 6 साल में सबसे कम जान इस साल गई हैं। एक बच्चे की मौत होना भी दुर्भाग्यपूर्ण होता है। लेकिन मौतें एक साल में 1500 भी हुईं हैं, 1400 भी हुई हैं और 1300 भी हुई हैं। इस साल 900 मौतें हुईं हैं, पर 900 क्यों हुईं हैं मौत तो एक भी नहीं होनी चाहिए।’

हर रोज होती 3-4 मौतें : गहलोत

इतना ही नहीं बल्कि गहलोत ने आगे कहा कि, ‘पूरे देश/ प्रदेश के अंदर, हर अस्पताल के अंदर 3-4 मौतें हर रोज होती हैं कोई नई बात नहीं हैं, जयपुर में भी होती हैं। हमने पूरी तरह जांच करवाई है और कार्रवाई भी हम कर रहे हैं। क्या सुझाव हो सकता है। पिछले कार्यकाल में भी हमने लंबे अरसे के बाद पहली बार ऑपरेशन थियेटरों को अपग्रेड किया था।’

एक महीने में 77 नवजात बच्चों की मौत

बता दें कोटा के इस अस्पताल में पिछले करीब एक महीने के अंदर 77 नवजात बच्चों की मौत हो गई है। लगातार हो रही बच्चों की मौत के बाद सरकार भी सक्रिय हो गई है। प्रशासन ने इस मामले में डॉक्टरों की तरफ से किसी भी तरह की लापरवाही से इनकार किया है। इस मामले को लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर हमला करना शुरू कर दिया है।

 

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