कोटाः 104 मासूमों की मौत का जिम्मेदार कौन? आज जांच के लिए पहुंचेगी केंद्र की एक्सपर्ट टीम

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चैतन्य भारत न्यूज

जयपुर. राजस्थान के कोटा स्थित जेके लोन अस्पताल में एक महीने में 100 से अधिक बच्चों की मौत हो गई है। साल 2020 के पहले दिन 3 बच्चों ने दम तोड़ा, जबकि गुरुवार को एक बच्चे की मौत हुई। इसी के साथ अब तक मरने वाले बच्चों का आंकड़ा 104 तक पहुंच गया है। इस मामले में अब केंद्र सरकार हरकत में आ गई है।



जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार को केंद्र की हाई लेवल टीम कोटा जाएगी। इस टीम में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों सहित एम्स (AIIMS) जोधपुर के डॉक्टर भी मौजूद रहेंगे। यह टीम बाल चिकित्सा सेवाओं, कर्मचारियों और उपकरणों की उपलब्धता की समीक्षा करेगी। इसके अलावा राज्य के प्रभारी मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास और स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा भी आज कोटा जाएंगे और लगातार हो रही मासूमों की मौत की समीक्षा करेंगे।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने दिलाया मदद का भरोसा

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन ने कहा कि, इस मामले को लेकर उन्होंने राजस्थान के मुख्यमंत्री से बात की है। साथ ही केंद्र सरकार ने राजस्थान सरकार को बच्चों के इलाज में हर संभव मदद देने का भरोसा दिया है। डॉ. हर्ष वर्धन ने यह भी बताया कि, बाल रोग विशेषज्ञ की एक टीम को भी राजस्थान के लिए रवाना किया गया है, ताकि वहां बच्चों की मौत रोकी जा सके।

यह है मौत की वजह!

बच्चों के इलाज में लापरवाही के आरोपों के बाद यह अस्पताल चर्चा में आया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जेके लोन अस्पताल में पिछले साल कुल 963 बच्चों ने इलाज के दौरान दम तोड़ा। लेकिन दिसंबर महीने में मौत का आंकड़ा अचानक बढ़ गया। इसके बाद जांच की गई तो पता चला कि इलाज में लापरवाही नहीं बल्कि ऑक्सीजन पाइप लाइन नहीं होना और ठंड के कारण बच्चों की मौत हो रही है।

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ऑक्सीजन पाइपलाइन नहीं होने के कारण इंफेक्‍शन फैलने और ठंड के चलते हुई 91 मासूमों की मौत

 

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