जन्माष्टमी 2020: आज मध्य रात्रि नंदगांव में होगा कान्हा का जन्म, सभी तरफ उल्लास का माहौल, राधा का गांव गाएगा बधाई

चैतन्य भारत न्यूज

देशभर में जन्माष्टमी को लेकर उल्लास का माहौल है। श्री कृष्ण के नंदगांव में भी चहुंओर उमंग और उल्लास है। घर-घर मिठाइयां बन रहीं हैं। सभी लोग एक-दूसरे को बधाई दे रहे हैं। मंगलवार रात को ब्रज के लाला का नंदगांव में जन्म होगा। ऐसे में इस समय सभी सखा तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। जन्म से पूर्व राधारानी के गांव बरसाना के ब्राह्मण समुदाय के कुछ लोग नंदबाबा को बधाई देने नंदगांव पहुंचेंगे।

स्थानीय एवं बाहरी श्रद्धालुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध

नंदबाबा मंदिर के सेवायत ताराचंद गोस्वामी ने बताया कि, परंपराओं के निर्वहन के लिए कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन करते हुए नंदभवन में संयुक्त समाज गायन का आयोजन किया जाएगा। आज रात में ढांड ढांडिन लीला का आयोजन होगा। नंदबाबा के पुरोहित द्वारा श्री नंदबाबा की वंशावली का बखान किया जाएगा। आधी रात को कन्हैया का जन्म होगा। सेवायत लोकेश गोस्वामी ने बताया कि कोविड-19 के चलते इस बार स्थानीय एवं बाहरी श्रद्धालुओं का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। सभी परंपराओं का निर्वहन किया जाएगा।

बरसाना में भी मनेगा जन्मोत्सव

भगवान श्रीकृष्ण की आराध्य शक्ति राधारानी के गांव बरसाना में भी आज श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की तैयारियां जोरों-शोरों से चल रही हैं। श्रीजी मंदिर के सेवायत संजय गोस्वामी के अनुसार यहां रात बारह बजे भगवान श्याम सुंदर का पंचामृत अभिषेक कर आकर्षक शृंगार किया जाएगा। घर-घर में पकवान बनाए जाएंगे।

मनाया जाता है भव्य नंदोत्सव

जन्मोत्सव के बाद नंदगांव में नंदोत्सव धूमधाम से मनाया जाता है। जानकारी के मुताबिक, श्री कृष्ण के जन्म के अगले ही दिन बरसाना से राधारानी के माता पिता वृषभानु और कीरत रानी अपनी सखियों के साथ नंद बाबा को बधाई देने आए थे। बरसाना के गोसाई समाज द्वारा उसी परंपरा का निर्वहन बड़े धूमधाम से किया जाता है। नंदोत्सव में कान्हा को हंसाने के लिए पांच वर्ष के बच्चे से लेकर 80 वर्ष तक के बुजुर्ग कुश्ती लड़कर परंपरा निभाते हैं। इसके अलावा दही और हल्दी मिलाकर सभी श्रद्धालुओं पर भी छिड़की जाती है। इसे लाला की छीछी भी कहा जाता है। सेवायत शिवहरी गोस्वामी ने बताया कि इस बार सभी परंपराओं का प्रतीकात्मक रूप से निर्वहन किया जाएगा।

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