कुलभूषण जाधव मामलाः हरीश साल्वे ने रखा भारत का पक्ष, कहा- निर्दोष को फंसाया

चैतन्य भारत न्यूज।

नई दिल्ली। इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (आईसीजे) में कुलभूषण जाधव मामले की सुनवाई में भारत की तरफ से दीपक मित्तल और सीनियर वकील हरीश साल्वे ने अपना पक्ष रखा। हरीश साल्वे ने कहा कि पाकिस्तान ने वियना संधि का उल्लंघन किया और 13 बार गुजारिश करने के बाद भी कुलभूषण जाधव को काउंसलर एक्सेस नहीं दिया। दोनों ने ही कुलभूषण जाधव को निर्दोष भारतीय बताया, जिसे पाकिस्तान द्वारा फंसाया गया है। मामले की सुनवाई कल तक के लिए स्थगित कर दी गई है।

पाकिस्तान के प्रतिनिधि से नहीं मिलाया हाथ

पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव एजी अनवर मंसूर खान जब भारत के विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव दीपक मित्तल के पास हाथ मिलाने पहुंचे, तो मित्तल ने मंसूर खान से हाथ मिलाने की जगह दूर से ही हाथ जोड़ लिए।

21 फरवरी तक चलेगी सुनवाई

बता दें 18 फरवरी से शुरू होने वाली सुनवाई 21 फरवरी तक चलेगी। जिसमें भारत और पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र की शीर्ष अदालत के समक्ष अपनी-अपनी दलीलें पेश करेंगे मंगलवार 19 फरवरी को दोपहर ढाई बजे से साढ़े पांच बजे तक पाकिस्तान अपनी बात रखेगा।

क्या है मामला

पाकिस्तान के सैनिकों ने कुलभूषण जाधव को मार्च 2016 में बलूचिस्तान से पकड़ा था, और उन पर अफगानिस्तान में जासूसी के आरोप लगाए। जिसके बाद मिलिट्री कोर्ट ने 10 अप्रैल 2017 को उन्हें फांसी की सजा सुनाई थी। इस पर रोक लगवाने के लिए भारत ने आईसीजे में अपील की थी। आईसीजे ने अंतिम फैसला आने तक जाधव की फांसी पर रोक लगा दी थी।

क्या है आईसीजे

दूसरे विश्वयुद्ध के बाद अंतरराष्ट्रीय विवादों को हल करने के लिए आईसीजे की स्थापना की गई थी।

भारत की मांग

भारत पहले से ही कह रहा है कि कुलभूषण जाधव जासूस नहीं हैं। बल्कि पाकिस्तान के सैनिकों ने उन्हें अफगानिस्तान बॉर्डर से किडनैप किया था। भारत ने कोर्ट से अपील की है कि पाकिस्तान को जाधव की सजा रद्द करने का आदेश दिया जाए।

 

 

Related posts