यौन उत्पीड़न से तंग आकर अमरावती की ‘लेडी सिंघम’ ने खुद को मारी गोली, सुसाइड नोट में बताई अपनी दर्दभरी दास्तां

चैतन्य भारत न्यूज

अमरावती के मेलाघाट रिजर्व टाइगर में तैनात 33 वर्षीय महिला रेंज वन अधिकारी दीपाली चव्हाण मोहिते ने आत्महत्या कर ली है। उन्होंने अपने कथित सुसाइड नोट में भारतीय वन सेवा के वरिष्ठ अधिकारी पर यौन उत्पीड़न और टॉचर्र का आरोप भी लगाया है। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया गया।

मेलघाट टाइगर रिजर्व के अंतर्गत हरिसल की वन रेंज अधिकारी दीपाली चव्हाण ने गुरुवार को एक सरकारी आवास पर खुद को गोली मार कर आत्महत्या कर ली थी। मरने से पहले दीपाली ने एक सुसाइड नोट लिखा था। उसमें उन्होंने अपने सीनियर्स पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। दीपाली चव्हाण के सुसाइड नोट में कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के नामों का भी उल्लेख है।

सुसाइड नोट में दीपाली के पांच आरोप

  • मेरे सीनियर द्वारा मुझे जबरदस्ती गलत काम करने पर मजबूर किया जाता था।
  • शिवकुमार सर ने कभी गांव में जाकर सभा नहीं की और वे मुझे, जूनियर्स, गांववालों, मजदूरों के सामने गालियां दिया करते थे।
  • प्रेग्नेंट होने के बावजूद मुझे जान बूझकर कच्चे रास्ते पर घुमाया गया। इस वजह से मेरा अबॉर्शन हुआ। उसके बावजूद मुझे छुट्टी नहीं दी गई।
  • शिवकुमार मुझे देर रात मिलने के लिए बुलाते थे। वे मुझ से अश्लील बात करते थे। इसकी शिकायत मैंने अपने सीनियर्स से की थी।
  • मेलघाट ऐसी दलदल है, जहां आप अपनी मर्जी से आ तो सकते हैं, लेकिन जा नहीं सकते।

दीपाली चव्हाण अपनी मां के साथ मेलघाट में रह रही थी। जानकारी के अनुसार, चव्हाण ने गुरुवार सुबह करीब 11 बजे अपनी मां को अपने गांव भेज दिया था। गांव पहुंचने के बाद मां ने दीपाली को कई बार फोन किया, लेकिन उनका नंबर नहीं उठा। जिसके बाद हरिसाल में एक गार्ड को फोन कर घर जाकर दीपाली को देखने को कहा। गार्ड जब घर पहुंचा तो दरवाजा बंद था और कई बार बेल बजाने के बाद भी जब वह नहीं खुला तो उसने पड़ोस में रहने वालों के सहारे मेन डोर का लॉक तोड़ एंट्री की। घर के अंदर ड्राइंग रूम में दीपाली का शव खून से लथपथ फर्श पर पड़ा हुआ था और उनके बगल में एक पिस्तौल रखी हुई थी।

भागने की फिराक में था शिवकुमार

जानकारी के मुताबिक, विनोद शिवकुमार अपने घर कर्नाटक भागने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान उनको स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से दो सूटकेस भी बरामद हुए हैं। पुलिस अब शिवकुमार को अमरावती ले गई है।

लोग बुलाते थे ‘लेडी सिंघम’

दीपाली को लोग ‘लेडी सिंघम’ कहकर बुलाते थे। वे बुलेट चलाती थीं और कई बार पेड़ों की कटाई कर रहे तस्करों को भी उन्होंने खदेड़ा था।

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