जयंती विशेष: एक थप्पड़ ने खराब कर दिया था इस अभिनेत्री का चेहरा, क्रूर सास के रूप में बनाई पहचान

चैतन्य भारत न्यूज

80 के दशक की मशहूर अभिनेत्री ललिता पवार का जन्म 18 अप्रैल 1916 को नासिक में हुआ था। ललिता ने अपने करियर में कई तरह के किरदार निभाए हैं, लेकिन उनका नाम सुनते ही एक क्रूर सास का चेहरा सामने आ जाता है। ललिता पवार हिंदी सिनेमा की उन अभिनेत्रियों में से थीं, जिन्होंने फ‍िल्मों के साथ साथ टीवी पर भी खूब नाम कमाया।

हिंदी सिनेमा जगत में उन्हें ललिता के नाम से ही जाना गया लेकिन उनका असली नाम अंबा लक्ष्मण राव था। उन्होंने अपने अभिनय की शुरुआत बतौर बाल कलाकार के रूप में की थी। पहली बार वह बिना बोलती यानी एक मूक फिल्म में नजर आई थीं जिसके ल‍िए उन्हें 18 रुपए फीस मिली थी। 12 साल की उम्र में 1928 में उन्होंने फ‍िल्म राजा हरिश्चंद्र में काम किया था। अपनी जवानी के दिनों में ललिता बेहद खूबसूरत थीं। वह जितनी अच्छी एक्टिंग करती थीं उतना ही अच्छा गाना भी जाती थीं।

जब ललिता कामयाबी के शिकार पर थीं तब उनके साथ एक ऐसा हादसा हो गया जिससे उनका चेहरा खराब हो गया। साल 1942 में फिल्म ‘जंग-ए-आजादी’ की शूटिंग के दौरान एक्टर भगवान दादा ने ललिता को ऐसा तमाचा मारा था इसके बाद वह जमीन पर गिर गईं और उनके कान से खूब आ गया था। फिर डॉक्टर ने ललिता को गलत दवा दे दी जिससे उनके शरीर का दाहिना हिस्सा लकवा मार गया। इस वजह से उनकी दाहिनी आंख पूरी तरह सिकुड़ गई और चेहरा खराब हो गया।

लंबे समय के ब्रेक के बाद अपनी एक मूंदी आंख के साथ ललिता पवार ने एक बार फिर से अभिनय की दुनिया में वापसी की। 1948 में निर्देशक एसएम यूसुफ की फिल्म गृहस्थी में उन्हें रोल मिला। इस बार उन्हें ज्यादातर चरित्र भूमिकाएं मिलनी शुरू हुईं। फिर ललिता ज्यादातर फिल्मों में क्रूर सास के किरदार में ही नजर आईं थीं। ‘रामायण’ टीवी सीरियल में निभाया मंथरा का किरदार आज भी याद किया जाता है।अपने करियर में 700 फिल्मों में अभिनय के जौहर दिखाने वालीं इस एक्ट्रेस ने 24 फरवरी 1998 को दुनिया को अलविदा कह दिया।

Related posts