वैज्ञानिकों का दावा- अब उंगली की लंबाई बताएगी कोरोना से है मौत का कितना खतरा, जानिए कैसे

man ring finger

चैतन्य भारत न्यूज

दिसंबर 2019 में चीन के वुहान से शुरू हुआ कोरोना वायरस (coronavirus) अब दुनियाभर में फैल चुका है। कोरोना वायरस को खत्म करने के लिए कई देशों के वैज्ञानिक टीके पर काम कर रहे हैं। इसी बीच ब्रिटेन में वेल्स के वैज्ञानिकों ने कोरोना और उंगली के बीच खास कनेक्शन बताया है। उंगली की लंबाई बताती है कोरोना से मौत का खतरा कितना है। सुनकर ही लगता है कि ऐसा कैसे हो सकता है। लेकिन वैज्ञानिकों के मुताबिक, यह सच है।

ये शोध पुरुषों की उंगली से संबंधित है

वैज्ञानिकों का कहना है कि जिन पुरुषों की अनामिका उंगली (Ring Finger) की लंबाई ज्यादा होती है, वायरस से उनकी मौत का खतरा उतना ही कम हो जाता है। यह दावा ब्रिटेन की स्वानसी यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने 41 देशों के 2 लाख से ज्यादा मरीजों का डेटा लिया और उसकी जांच की। इसमें भारत से भी 2274 पुरुषों की केस स्टडी ली गई। रिसर्च में यह पाया गया कि जिन पुरुषों की अनामिका अंगुली लंबी है, कोरोना से मौत का संकट उनको दूसरों की अपेक्षा कम है। यह स्टडी दावा करती है कि लंबी अनामिका उंगली वाले पुरुषों में कोरोना संक्रमण के लक्षण बहुत हल्के किस्म के हो सकते हैं।

देशों के हिसाब से खतरा कम-ज्यादा

रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटेन, बुल्गारिया और स्पेन उन 10 देशों में शामिल हैं, जहां अधिकतर पुरुषों की अनामिका उंगली छोटी होती है। वहीं मलेशिया, सिंगापुर और रूस में पुरुषों की अनामिका उंगली लंबी होती है। छोटी अनामिका उंगली वाले 10 देशों में कोरोना वायरस से लगभग 1 लाख लोगों में से 4।9 (एवरेज) कोविड- 19 से मौत हुई। वहीं लंबी अनामिका उंगली वाले देशों में यह आंकड़ा 2।7 है। यानी मौत का आंकड़ा लगभग 50% तक कम है।

उंगली से बीमारी का क्या है संबंध

स्टडी में शामिल मुख्य रिसर्चर प्रोफेसर जॉन मैनिंग ने बताया कि, अनामिका उंगली का संबंध टेस्टोस्टेरॉन से होता है। टेस्टोस्टेरॉन पुरुषों का सेक्स हार्मोन होता है। ये हार्मोन मां के गर्भ में पुरुषों में तैयार होता है। जिन पुरुषों में टेस्टोस्टेरॉन हार्मोन का प्रतिशत ज्यादा होता है, उनमें वायरस के संक्रमण का डर उतना ही कम रहता है। माना जा रहा है कि इस हार्मोन से शरीर में ACE-2 रिसेप्टर्स की संख्या तय होती है। अगर टेस्टोस्टेरॉन कम है तो ACE-2की संख्या कम होगी। यही हार्मोन शरीर में ACE-2 रिसेप्टर्स की संख्या बढ़ाकर कोविड-19 से लड़ने में मदद करता है। हालांकि रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि इन रिसेप्टर्स की संख्या अधिक बढ़ने पर लंग्स के डैमेज होने का खतरा भी होता है।

फीमेल सेक्स हार्मोन फायदेमंद

रिसर्च में शामिल किए गए आंकड़ों से यह स्पष्ट हुआ है कि कोविड-19 से महिलाओं से ज्यादा पुरुषों की मौत हो रही है। इससे पहले भी वैज्ञानिक दावा कर चुके हैं कि महिलाओं का सेक्स हार्मोन उन्हें इस खतरनाक वायरस से बचा रहा है। अमेरिका में इसपर स्टडी भी हो रही है, जिसमें कोरोना मरीज पुरुषों में महिलाओं के सेक्स हार्मोन एक्ट्रोजन और प्रोजेस्ट्रॉन डाले जा रहे हैं। ऐसा माना जा रहा है कि इसके लिए महिलाओं की जेनेटिक संरचना भी जिम्मेदार हो सकती है।

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