9 साल की लिसिप्रिया ने सरकार से की दिल्ली में हेल्थ इमर्जेंसी लगाने की अपील, ठुकरा चुकी हैं पीएम मोदी का सम्मान

चैतन्य भारत न्यूज

राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण बढ़ा तो एक 9 साल की बच्ची ने सरकार से दिल्ली में हेल्थ इमर्जेंसी लगाने की अपील की। इस बच्ची का नाम है लिसीप्रिया कांगुजम जो भारत के पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर की रहने वाली हैं। वह दिल्ली में हो रहे जलवायु परिवर्तन के खिलाफ वह अभियान चला रही हैं। लिसीप्रिया ने ट्विटर अकाउंट के जरिए अपनी बात रखी।

लिसीप्रिया कांगुजम ने कहा, ‘मैं सभी लोगों से दीवाली पर पटाखे न जलाने की अपील करना चाहती हूं क्योंकि इससे वायु प्रदूषण बढ़ता है जो सेहत के लिए बहुत हानिकारक है। हर साल लाखों बच्चे वायु प्रदूषण की वजह से अपनी जान गवां देते हैं।’ उसने अपनी बात को एक कार्ड बोर्ड पर लिखकर व्यक्त किया।

प्राकृतिक आपदाओं के चलते वे इस दिशा में प्रयास करने के लिए जागरूक हुईं। 2015 में नेपाल में आए भूकंप की खबरें देखकर उनका दिल दहल गया। फिर उन्होंने अपने परिवार के साथ इंफाल से काठमांडू तक सहायता पहुंचाई। 2016 में जब वे दिल्ली आईं तो यहां की गंदगी और प्रदूषण को देखकर इसके खिलाफ मुहिम छेड़ी। जब वह ओडिशा गईं तो वहां पर लगातार टिटी जैसे तूफानों ने उन्हें पर्यावरण सुधारने पर विचार करने को मजबूर किया।

बता दें लिसीप्रिया ने वायु प्रदूषण के खिलाफ ‘द चाइल्ड मूवमेंट’ की भी शुरुआत की है। पिछले महीने इस बच्ची ने दिल्ली के विजय चौक में वायु प्रदूषण के खिलाफ आवाज उठाई थी। लिसीप्रिया एक अभियान चला रही हैं ताकि स्कूलों में क्लाइमेट चेंज एक अनिवार्य विषय के तौर पर शामिल किया जाए। वह अब तक 21 देशों की यात्रा कर चुकी है। उन्होंने कई नेशनल और इंटरनेशनल समारोह में क्लाइमेंट चेंज पर अपनी राय बयां की है।

वह पर्यावरण के मुद्दे पर काफी सक्रिय हैं। लिसीप्रिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सांसदों से जलवायु परिवर्तन कानून बनाए जाने की मांग कर रही हैं। साल 2019 में उन्हें डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम चिल्ड्रेन अवॉर्ड, विश्व बाल शांति पुरस्कार और भारत शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर भारत सरकार ने लिसीप्रिया कांगुजम को भी सम्मान देने का प्रस्ताव रखा था जिसे उन्होंने ठुकरा दिया था।

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