पशुधन गणना : मोदी राज में बढ़ी जानवरों की संख्या, जानें कितनी है गायों और बैलों की संख्या

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चैतन्य भारत न्यूज

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के कार्यकाल में गायों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। कहा जा रहा है कि साल 2012 के बाद देशभर में गायों की संख्या में तकरीबन 18 फीसदी की वृद्धि हुई है। पशुगणना की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में गायों की आबादी 14.51 करोड़ है। यह जानकारी 20वीं पशुगणना की रिपोर्ट में दी गई है।



पिछली पशुगणना के मुकाबले 20वीं पशुगणना में सभी पशुधन की आबादी 4.6 फीसदी की वृद्धि के साथ 53.57 करोड़ टन हो गई है। बुधवार को जारी पशुधन गणना-2019 में पता चला कि भेड़, बकरी और मिथुन (पालतू गौर) की आबादी दोहरे अंकों में बढ़ी है, जबकि घोड़े और टट्टू, सूअर, ऊंट, गधे, खच्चर और याक की गिनती में गिरावट आई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, देश में कुल पशुधन की संख्या 53.5 करोड़ है। गौवंश 19.2 करोड़, गाय की संख्या 14.5 करोड़, बैल या सांड 4.7 करोड़, भैंस 10.9 करोड़, बकरी 14.8 करोड़, भेड़ 7.4 करोड़, सूअर 90 लाख, घोड़े 3.4 करोड़, ऊंट 2.5 लाख, मुर्गे मुर्गियां 85 करोड़, खच्चर 84 हजार, और गधे 1.2 लाख है।

रिपोर्ट जारी करने के बाद कहा जा रहा है कि, विदेशी ब्रीड का गौवंश 3.9 करोड़ से बढ़कर 5 करोड़ हो गया है। जबकि सभी नस्ल की गाय की संख्या 18% बढ़ी है पर बैल या सांड की संख्या 30% घट गई हैं। बता दें देश में पशुगणना हर 5 साल में होती है। भारत में पहली बार पशुगणना 1919-20 में हुई थी। इसके बाद दूसरी बार 1924-25 में हुई थी। वहीं आजादी के बाद प्रथम पशुधन गणना 1951 में आयोजित की गई तथा हर पांचवें वर्ष में यह गणना आयोजित की जाती है। जानकारी के मुताबिक, 2019 की पशुधन गणना में 80 हजार लोगों का स्टाफ काम पर लगा था।

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