लॉकडाउन खुलने के बाद उड़ान भरने के लिए जरूरी किया जा सकता है आरोग्य सेतु एप

चैतन्य भारत न्यूज

नई दिल्ली. भारत सरकार लॉकडाउन खुलने के बाद विमान यात्रा करने यात्रियों के लिए उनके मोबाइल फोन में आरोग्य सेतु एप को अनिवार्य कर सकती है। केंद्र सरकार के अधिकारियों का दावा है कि आरोग्य सेतु एप ने देश भर में करीब 1.4 लाख यूजर्स को कोरोना के खतरे से सावधान किया है। विमान यात्रियों के आरोग्य सेतु एप अनिवार्य बनाए जाने के बारे कई एयरलाइंस के अधिकारियों से शुरुआती बातचीत हुई है हालांकि सिविल एविएशन विभाग को इस संबंध में आखिरी निर्णय करना है।

अधिकारी ने कहा कि यदि इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो उस यात्री को विमान में सवार होने की अनुमति नहीं दी जाएगी जिसके फोन में यह एप नहीं होगा। कोरोना वायरस संक्रमण को काबू करने के लिए लागू लॉकडाउन का तीसरा चरण 17 मई को समाप्त हो जाएगा। भारत सरकार ने कुछ विशेष रूट पर 30 रेलगाड़ियों को चलाने की तो अनुमति दे दी है लेकिन विमान यात्राओं को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है।

संक्रमण रोकने में हथियार साबित हुए है यह एप

कोरोना वायरस संक्रमण को काबू करने में आरोग्य सेतु अहम हथियार साबित हो रहा है। यह एप देश में अभी तक 697 स्थानों के कोरोना के हॉटस्पॉट के रूप में उभरने की चेतावनी दे चुका है। इसके आधार पर वायरस को फैलने से रोकने के लिए स्थानीय प्रशासन समय रहते सक्रिय हो गया। आरोग्य सेतु एप की उपयोगिता बताते हुए सूचना व प्रौद्योगिकी सचिव और इंपावर्ड ग्रुप-नौ के प्रमुख अजय साहनी ने सोमवार को इसके सुरक्षित होने का भी दावा किया। उनका कहना है कि  आजतक लोग जितने भी एप उपयोग करते आए हैं उनमें सबसे ज्यादा सुरक्षित इस एप को बनाया गया है। साहनी के अनुसार 9.8 करोड़ यूजर्स वाले इस एप का उपयोग करने वाले कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 13 हजार से भी कम है। इसके बावजूद यह एप 697 संभावित हॉटस्पॉट के बारे में स्थानीय प्रशासन को चेतावनी दे चुका है। उन्होंने कहा कि इस एप का उद्देश्य कोरोना हॉटस्पॉट की पहचान करना नहीं है, बल्कि भविष्य में बनने वाले हॉटस्पॉट को रोकने के लिए प्रशासन को आगाह करना है और इसमें यह काफी हद तक सफल है।

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