कोरोना वायरस: लॉकडाउन के बीच पैदल गांव जा रहे मजदूरों के साथ हादसा, अब तक 12 की मौत

चैतन्य भारत न्यूज

नई दिल्ली. कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के चलते सरकार ने 21 दिनों के लिए पूरे देश को लॉकडाउन कर दिया है। इसका सबसे ज्यादा असर मजदूरों पर पड़ रहा है। लॉकडाउन के कारण मजदूरों के सामने खाने-पीने का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। उनके पास कमाई का भी कोई जरिया नहीं है। ऐसे में वे अपने-अपने गांव जा रहे हैं। महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और दिल्ली से लोग पैदल ही गांव की ओर निकल पड़े। इस दौरान कुछ लोग हादसे का भी शिकार हो गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, तीन हादसों में अब तक 12 लोगों की जान चली गई।

स्टेशन पर दो औरतें हुईं हादसे का शिकार

पहले हादसा महाराष्ट्र के वापी और करामबेली स्टेशन पर हुआ। यहां दो महिलाएं तेज रफ्तार मालगाड़ी से टकरा गईं। पश्चिमी रेलवे के मुताबिक, घटना शनिवार सुबह की है। घटना के समय दोनों महिलाएं रेलवे ट्रैक क्रॉस कर रही थी। पश्चिम रेलवे ने लोगों को संदेश दिया है कि, ‘रेलवे पटरियों से दूर रहना चाहिए और उन्हे पार या उनपर चलना नहीं चाहिए क्योंकि देश के विभिन्न हिस्सों में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए माल गाड़ियों को अब भी चलाया जा रहा है।’

तेज रफ्तार टेंपो ने चार लोगों को कुचला

दूसरा हादसा महाराष्ट्र के पालघर जिले के वसई तालुका इलाके में हुआ। यहां एक तेज रफ्तार टेंपो ने चार लोगों को कुचल दिया। हादसे में चारों की मौके पर ही मौत हो गई और तीन लोग घायल हुए हैं। यह घटना
परौल गांव के पास शनिवार सुबह करीब तीन बजे हुई। मृतक और घायल मुंबई से गुजरात पैदल जा रहे थे। पुलिस ने टेंपो चालक को हिरासत में ले लिया है।

लॉरी और मिनी ट्रक की टक्कर के बाद छह लोगों की मौत

तीसरा हादसा शनिवार को तेलंगाना के शमशाबाद में हुआ। यहां देर रात एक लॉरी और मिनी ट्रक की टक्कर हो गई। इस घटना में छह लोगों की मौत हो गई, जबकि छह लोग घायल हो गए हैं। सभी घायलों को तुरंत अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। जानकारी के मुताबिक, मिनी ट्रक 30 लोगों को लेकर कर्नाटक के रायचूर जा रहा था। शमशाबाद ग्रामीण पुलिस स्टेशन के सर्कल इंस्पेक्टर आर वेंकटेश के मुताबिक, मिनी-ट्रक में यात्रा करने वाले लोग सड़क निर्माण श्रमिक और मजदूर थे।

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