उप्र विधानसभा भवन के बाहर खुद को आग लगाने वाली महिला की मौत

चैतन्य भारत न्यूज

लखनऊ. विधानसभा भवन के बाहर खुद को आग लगाने वाली महाराजगंज निवासी महिला अंजलि तिवारी उर्फ आयशा की बुधवार को मौत हो गई। डॉक्टरों ने बताया कि वह 90 फीसदी झुलस गई थी और उसकी हालत बहुत गंभीर थी।

अंजलि ने मंगलवार को आत्मदाह किया था। महिला को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के आरोप में राजस्थान के पूर्व राज्यपाल स्व. सुखदेव प्रसाद के बेटे आलोक को पुलिस ने हिरासत में लिया है। उससे पूछताछ चल रही है। दरअसल, आलोक भी मूलरूप से महाराजगंज का ही रहने वाला है और महिला आलोक समेत कई अन्य लोगों के संपर्क में थी।

लखनऊ पुलिस की पड़ताल में पता चला है कि अंजलि जिन लोगों के संपर्क में थी उनसे पूछताछ की जा रही है। यह बात सामने आई है कि इन लोगों को ऐसी घटना होने की जानकारी थी। इन्हीं लोगों के उकसाने पर इस घटना को अंजाम दिया गया।

उधर, घटना में उप्र की महाराजगंज पुलिस की लापरवाही भी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक अंजलि तिवारी मूलरूप से छत्तीसगढ़ की रहने वाली थी। दो साल पहले उसने घुघली थानाक्षेत्र के पचरूखिया निवासी अखिलेश तिवारी से शादी की थी। दोनों में पटी नहीं और आए दिन झगड़ा होने लगा, अंजलि अलग रहने लगी। उसने धर्म बदलकर यहीं के आसिफ से निकाह कर लिया और अपना नाम भी आयशा रख लिया। कुछ दिन बाद आसिफ सऊदी अरब भाग गया। आसिफ के स्वजनों से परेशान होकर अंजलि ने महाराजगंज पुलिस में शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उसने पुलिस को आत्मदाह करने की चेतावनी भी दी। हालांकि पुलिस उसे रोक पाती, इससे पहले ही अंजलि ने खुद को आग लगा ली।

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