कंप्यूटर से भी तेज है 3 साल के इस बच्चे का दिमाग, 23 मिनट 48 सेकेंड में 27 पुस्तकें पढ़ने का रिकॉर्ड, 40 तक पहाड़ा भी याद

चैतन्य भारत न्यूज

लुधियाना. एक प्रसिद्ध कहावत कि उम्र सिर्फ एक संख्या है, इसे सत्य करके दिखाया है लुधियाना के साढ़े तीन वर्षीय कुंवर प्रताप सिंह ने। कुंवर ने इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड और इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करवाया है। इसके साथ ही उसे तेज याददाश्त के लिए चाइल्ड प्रोडिजी मैगजीन के लिए भी चुना गया है।

कुंवर सराभा नगर में सेक्रेड हार्ट कान्वेंट स्कूल का विद्यार्थी है। अपनी विलक्षण याददाश्त से उसने 5वीं ग्रेड के विद्यार्थी को पछाड़ दिया। कुंवर को 1 से 40 तक पहाड़े, विश्व के सभी देशों की राजधानियों के नाम, किसी भी संख्या की गुणा और अभाज्य संख्याएं संबंधी सब कुछ जुबानी याद है।

पुस्तकों के प्रति उसका जुनून, उसका पुस्तकें पढ़ने और भाषा बोलने की प्रवृत्ति से झलकता है। वह लंबे शब्दों का उच्चारण आसानी से कर सकता है और पढ़ने में भी वह कुशल है। गुणा, घटाना और भाग के सवालों को जुबानी हल करने में उसका अद्भुत हुनर हर किसी को हैरान कर देता है।

कुंवर प्रताप के माता-पिता ने बताया कि उसे अपने साथ खेलने वाले हम उम्र बच्चों को पढ़ाना अच्छा लगता है। उसको कालोनी के सभी लोगों के नाम, मकान नंबर और अन्य विवरण भी याद हैं। वह ओलंपियाड भी बहुत आसानी से कर लेता है और उसके नाम पर कई विश्व रिकॉर्ड दर्ज हैं।

तस्वीरों को याद रखने की अपनी विलक्षण याददाश्त के साथ वह एक साल और उससे पहले हुई किसी भी बात या घटना को तुरंत याद कर सकता है। इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में, उसे 1 मिनट में 27 स्मारकों के नाम बताने और 1 मिनट में 14 पहाड़े सुनाने के लिए ग्रैंडमास्टर का खिताब दिया गया। इतनी छोटी आयु में 48 सेकंड में सभी भारतीय राज्यों की राजधानियों के नाम बताने, 23 मिनट 48 सेकंड में 27 पुस्तकें पढ़ने के लिए उसका नाम इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज है। चाइल्ड प्रोडिजी मैगजीन में उसे पूरे भारत में से शीर्ष 100 बच्चों में से चुना गया।

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