जन्‍मदिन विशेष: कभी स्कूल में सीएम शिवराज की शरारतों से परेशान हो गए थे शिक्षक, आज प्रेम से उन्हें कहा जाता है ‘मामा’

चैतन्य भारत न्यूज

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का आज 62वां जन्मदिन है। शिवराज में बचपन से ही नेतृत्व क्षमता थी। उनकी लीडरशिप की क्वालिटी स्कूल के दिनों में ही देखने को मिली थी। जन्मदिन के इस खास मौके पर हम आपको शिवराज सिंह चौहान से जुड़ी कुछ खास बातें बता रहे हैं।

शिवराज सिंह चौहान का जन्म पांच मार्च 1959 को मध्य प्रदेश के सिहोर जिले के जैत गांव में हुआ था। उनके पिता प्रेम सिंह चौहान और मां सुंदरबाई चौहान हैं। शिवराज का जीवन एक साधारण परिवार में बीता है, लेकिन अपनी मेहनत के दम पर आज वो एक कामयाब शख्स हैं। अपने जीवन में वे बड़े ही अनुशासन से रहते हैं। मध्य प्रदेश की जनता के बीच वो काफी लोकप्रिय हैं और लोगों के बीच जाकर उनकी समस्या सुनने को लेकर जाने जाते हैं। शिवराज सिंह चौहान ने टीटी नगर स्थित मॉडल स्कूल से पढ़ाई की थी। महज 13 साल की उम्र में शिवराज सिंह चौहान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संपर्क में आए, और फिर साल 1975 में वो मॉडल स्कूल छात्र के संघ के अध्यक्ष बने।

मॉडल स्कूल में शिवराज के शिक्षक और प्रिंसिपल केसी जैन ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के व्यक्तित्व को न सिर्फ निखारा, बल्कि उनमें छुपी नेतृत्व क्षमता और लोकप्रियता को भी देखा है। शिवराज के शिक्षक केसी जैन ने बताया कि, एक बार स्कूल ट्रिप गोवा गया था, तब लौटते समय स्टूडेंट काफी शरारत कर रहे थे। सुनसान एरिया होने के चलते टीचर के बार-बार बोलने के बाद भी बच्चे शांत नहीं हुए थे। केसी जैन बताते हैं कि शिवराज को पहले तो डांट पड़ी, फिर दो-तीन चांटे भी लगे थे। गोवा में ब्रेक फेल होने पर शिवराज ही सबसे पहले मदद के लिए आगे आए थे। शिवराज की निडरता से हम सबकी जान बच सकी थी।

ऐसे बने प्रदेश के मुख्यमंत्री

शिवराज सिंह चौहान 2005 में प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष बने थे। चौहान को 29 नवंबर 2005 को पहली बार मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई गई। इसके बाद शिवराज सिंह चौहान चौथी बार मुख्यमंत्री हैं।

पांच बार विदिशा के सांसद भी रहे

  • शिवराज 1990 में पहली बार बुदनी विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए और 1991 में विदिशा संसदीय क्षेत्र से पहली बार सांसद बने।
    11वीं लोकसभा में वर्ष 1996 में शिवराज सिंह विदिशा संसदीय क्षेत्र से पुन: सांसद चुने गए।
    चौहान 1998 में विदिशा संसदीय क्षेत्र से ही तीसरी बार 12वीं लोकसभा के लिए सांसद चुने गए।
    शिवराज 1999 में विदिशा से ही चौथी बार तेरहवीं लोक सभा के लिए सांसद निर्वाचित हुए।
    सन 2000 से 2003 तक शिवराज सिंह भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे।
    चौहान 2000 से 2004 तक संचार मंत्रालय की परामर्शदात्री समिति के सदस्य रहे।
    शिवराज सिंह पांचवीं बार विदिशा से 14वीं लोक सभा के सदस्य निर्वाचित हुए। उन्हें वर्ष 2005 में भारतीय जनता पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया।

इसलिए लोग कहते हैं ‘मामा’

सभी लोग शिवराज सिंह चौहान को मामा कहकर बुलाते हैं। एक बार एक इंटरव्यू में शिवराज सिंह ने बताया था कि उन्होंने बेटियों के लिए मुख्यमंत्री कन्यादन योजना, लक्ष्मी योजना, महिलाओं के लिए आरक्षण जैसी योजनाएं शुरू कीं। इसके बाद से ही प्रदेश की बेटियां उन्हें मामा कहकर बुलाते हैं। यहां तक राज्य के बुजुर्ग भी उन्हें मामा कहकर बुलाते हैं।

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