महाराष्ट्र : छुट्टी लेने पर कटते हैं पैसे, इसलिए 30 हजार से ज्यादा महिलाओं ने निकलवाया गर्भाशय, राउत ने सीएम को लिखा पत्र

चैतन्य भारत न्यूज

मुंबई. सूखे के कारण अक्सर सुर्खियों में रहने वाले महाराष्ट्र के मराठवाड़ा में गर्भाशय निकालने का आंकड़ा 30,000 के पार पहुंच गया है। इसे लेकर चिंता जताते हुए महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितिन राउत ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने अनुरोध किया है कि वह मजदूरी बचाने के लिए गन्ना श्रमिक महिलाओं द्वारा अपना गर्भाशय निकलवाने की घटनाओं पर रोक लगाने की खातिर मामले में हस्तक्षेप करें।


एक छुट्टी लेने पर कट जाते हैं पैसे 

राज्य के बीड जिले की ज्यादातर आबादी अक्टूबर से मार्च के दौरान पश्चिम महाराष्ट्र में चीनी पट्टी में गन्ने के खेतों में सूखे के कारण मजदूरी करने के लिए मजबूर है। इस काम के लिए उन्हें 6-6 महीने के कॉन्ट्रैक्ट पर ले जाया जाता है। यहां के ठेकेदार पति-पत्नी को साथ होने पर ही काम देते हैं। यदि दंपत्ति एक दिन की भी छुट्टी लेते हैं तो उन्हें 500 रुपए तक जुर्माना देना पड़ता है। दरअसल मासिक धर्म के दर्द की वजह से महिलाएं खेतों में काम नहीं कर पाती है और उन्हें छुट्टी लेनी पड़ती है जिससे उनके पैसे कट जाते हैं। ऐसे में महिलाएं (जो मां बन चुकी हैं) गर्भाशय निकलवाने को मजबूर हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 50 प्रतिशत गन्ने के खेत में काम करने वाली महिलाएं गर्भाशय निकलवा देती हैं।

पहले भी उठ चुका है यह मुद्दा 

अब नितिन राउत ने अपने पत्र के द्वारा मुख्यमंत्री ठाकरे से इस समस्या का समाधान निकालने का अनुरोध किया है। जिससे रोजी रोटी कमाने के लिए इन महिलाओं को अपनी जान जोखिम में न डालनी पड़े। बता दें इससे पहले राज्य विधान परिषद में शिवसेना सदस्य नीलम गोरहे ने भी इस मुद्दे को उठाया था।

छत्तीसगढ़ में भी सामने आ चुका है मामला

मध्य प्रदेश के पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ में भी बड़े पैमाने पर महिलाओं के गर्भाशय डॉक्टरों द्वारा निकाले जाने का मामला सामने आया था। वर्ष 2012 में यह मामला सामने आया था और इतना गंभीर हुआ कि संसद तक में इसकी गूंज सुनाई दी थी। कई डॉक्टरों के खिलाफ जांच भी हुई और उन पर कार्रवाई भी। करीब 6-7 साल पहले सरकार ने गरीब वर्ग के लोगों को निशुल्क इलाज के लिए स्मार्ट कार्ड उपलब्ध कराए थे। इलाज के बाद उस कार्ड से अस्पतालों को भुगतान हो जाता था। बताया जाता है कि उस कार्ड से रुपए निकालने के लिए ही डॉक्टरों ने कम उम्र की महिलाओं को कैंसर का भय दिखाकर उनके गर्भाशय निकाल दिए। इनमें से कई महिलाएं तो काफी कम उम्र की थीं।

Related posts