महाराष्ट्र: लॉकडाउन में धार्मिक जुलूस निकालने से रोका तो गुरुद्वारे से निकली तलवार से लैस भीड़ ने पुलिसकर्मियों को पीटा, 4 घायल

चैतन्य भारत न्यूज

नांदेड़. महाराष्ट्र के नांदेड़ में धार्मिक जुलूस निकालने से रोकने पर गुरुद्वारे में जुटी भीड़ ने पुलिसवालों पर हमला कर दिया। इस घटना में चार पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं। जिनमें नांदेड़ के पुलिस अधीक्षक का अंगरक्षक भी शामिल है।

बता दें महाराष्ट्र में कोरोना के बढ़ते केस की वजह से धार्मिक कार्यक्रमों पर रोक लगी हुई है। सोमवार को होला मोहल्ला का आयोजन करने के लिए सैकड़ों लोग गुरुद्वारा परिसर में जुटे थे। इनमें कई महिलाएं भी थीं। पुलिस के रोकने पर वे भड़क गए। पुलिस के मुताबिक, तलवारों से लैस सिख युवकों ने गुरुद्वारे के गेट को तोड़ दिया और पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया। घटना का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें तलवार लिए लोगों की भीड़ गुरुद्वारे से बाहर निकली और पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड तोड़ दिए। इस हिंसा में कई वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए।


दरअसल, होला मोहल्ला के लिए सोमवार शाम लॉकडाउन को तोड़कर हजारों लोग गुरुद्वारे के पास लगी बैरीकेडिंग तोड़कर सड़क पर आ गए। स्थानीय प्रशासन की पाबंदी के बाद भी सिख समाज के लोग हल्ला बोल मोर्चा निकालना चाहते थे। मोर्चा रोकने के लिए पुलिस ने गुरुद्वारा के पास बैरीकेडिंग लगा रखी थी। इससे आक्रोशित होकर उनलोगों ने तलवार लहराते हुए बैरीकेडिंग को गिरा दिया।

क्या है होला मोहल्ला

सिखों के पवित्र धर्मस्थान श्री आनंदपुर साहिब मे लगने वाले मेले को होला मोहल्ला कहते हैं। भारत के हर क्षेत्र में रहने वाले सिख गुरुद्वारा में इसे मनाते हैं। सिखों के लिए होला मोहल्ला का बहुत महत्व है। सिखों के दसवें गुरु, गुरु गोविंद सिंह इसके माध्यम से समाज के दुर्बल और शोषित वर्ग की प्रगति चाहते थे। होला महल्ला का उत्सव आनंदपुर साहिब में छः दिन तक चलता है। इस अवसर घोड़ों पर सवार निहंग, हाथ में निशान साहब उठाए तलवारों के करतब दिखा कर साहस, पौरुष और उल्लास का प्रदर्शन करते हैं।

Related posts