महाशिवरात्रि 2021: चक्की की तरह चारों तरफ घूमता है यह अनोखा शिवलिंग, 1100 साल पुराना है मंदिर

rotating shivling

चैतन्य भारत न्यूज

श्योपुर. ज्यादातर शिव मंदिरों में शिवलिंग की जलहरी उत्तर की ओर रखी जाती है। किसी-किसी मंदिर में शिवलिंग की दिशा दक्षिण भी होती है। आज महाशिवरात्रि के इस खास मौके पर हम आपको एक ऐसे मंदिर के बारे में बता रहे हैं जहां भक्त अपनी सहूलियत से शिवलिंग को किसी भी दिशा में घुमा सकते हैं।



इस मंदिर का नाम है गोविंदेश्वर महादेव, जो मध्य प्रदेश के श्योपुर के छारबाग मोहल्ले में स्थित अष्टफलक की छत्री में है। यह देश का इकलौता ऐसा मंदिर है जहां शिवलिंग अपनी धुरी पर चक्की की तरह 360 डिग्री तक घूम जाता है। श्रद्धालु अपनी इच्छा के मुताबिक शिवलिंग की जलहरी को दिशा देकर भोलेनाथ को रिझाते हैं। श्रद्धालु इस मंदिर में शिवलिंग को घुमाकर मन्नत मांगते हैं।

चारों दिशाओं में घूमने वाले इस शिवलिंग की प्राण-प्रतिष्ठा श्योपुर के गौड़ वंशीय राजा पुरुषोत्तम दास ने सन् 1722 में करवाई थी। इस मंदिर में लगे शिलापट्ट पर भी इसका उल्लेख है। पहले यह शिवलिंग सोलापुर महाराष्ट्र में बाम्बेश्वर महादेव के रूप में स्थापित था। लेकिन फिर गौड़ ने शिवनगरी के रूप में शिवपुर (अब श्योपुर) नगर बसाया और यहां शिवलिंग स्थापित किया।

गोविंदेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित मोहन बिहारी शास्त्री ने बताया कि, शिवलिंग का मुख हमेशा नंदी की प्रतिमा की तरफ रहता है। कोई भी भक्त शिवलिंग घुमाकर दिशा में बदलाव कर सकता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, गोविंदेश्वर दक्षिणमुखी शिवलिंग की पूजा सबसे पहले पांडवों ने की थी। गोविंदेश्वर मंदिर करीब 1100 साल पुराना है। लेकिन इस घूमाने वाले शिवलिंग की प्राण प्रतिष्ठा 300 साल पहले हुई है।

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