महाशिवरात्रि 2021: पाकिस्तान में है सबसे रहस्यमयी शिव मंदिर, यहां सती की याद में भगवान शिव ने बहाए थे आंसू

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चैतन्य भारत न्यूज

हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि का बहुत महत्व है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना की जाती है। इस बार 11 मार्च को देशभर में महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा। इसी कड़ी में आज हम आपको बताने जा रहे हैं भगवान शिव से जुड़े एक ऐसे अनोखे मंदिर के बारे में जो भारत में नहीं बल्कि पड़ोसी देश पाकिस्तान में है।



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वैसे तो पाकिस्तान में अनेक हिंदू मंदिर हैं। लेकिन इनमें कटसराज मंदिर बेहद खास है। ये मंदिर भगवान शिव का है। इस स्थान से जुड़ी कई मान्यताएं हैं, इसलिए ये हिंदुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। कटसराज मंदिर पाकिस्तान के चकवाल गांव से लगभग 40 कि. मी. की दूरी पर कटस नामक स्थान में एक पहाड़ी पर है।

भगवान शिव के आंसुओं से बना कुंड

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धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह वही मंदिर है जहां पहली बार देवी सती की मत्यु के बाद भगवान शिव ने उन्हें याद करते हुए आंसू बहाए थे। कहा जाता है कि अपने पिता दक्ष के यहां यज्ञ कुंड में जब सती ने आत्मदाह किया था, तो उनके वियोग में भगवान शिव ने अपनी सुध-बुध खो दी थी। माता सती को याद करते हुए भगवान शिव की आंखों से जो आंसू टपके थे उनसे यहां कुंड बन गया। इस कुंड का नाम कटाक्ष कुंड है।

महाभारत काल से जुड़े मंदिर के तार

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कहा जाता है कि यहां के सात भवनों का निर्माण पांडवों ने महाभारत काल में किया था। पांडवों ने अपने वनवास के दौरान लगभग 4 साल यहां बिताए थे। वहीं भवन अब सात मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है। इसके अलावा कहा जाता है कि इसी कुंड के तट पर युधिष्ठिर और यक्ष का संवाद हुआ था। यह वही जल सरोवर बताया जाता है जहां पांडव अपनी प्यास बुझाने के लिए एक-एक करके आए थे। पानी के इस कुंड पर यक्ष का अधिकार था। पानी पीने आए जब सभी पांडव एक-एक करके बेहोश हो गए तो अंत में युधिष्ठिर ने यक्ष के सभी सवालों का सही-सही जवाब देते हुए भाइयों को जीवित करवाया था।

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