माधुरी कानितकर ने रचा इतिहास, तीसरी महिला लेफ्टिनेंट जनरल बनीं

madhuri kanitkar

चैतन्य भारत न्यूज

नई दिल्ली. सेना में महिलाओं को कमांड पोस्टिंग देने के सुप्रीम कोर्ट के एतिहासिक फैसले के बाद माधुरी कानितकर ने 29 फरवरी को लेफ्टिनेंट जनरल का पद संभाला है। माधुरी लेफ्टिनेंट जनरल बनने वाली इंडियन आर्म्ड फोर्स की तीसरी महिला अधिकारी हैं। उन्हें अब आर्मी मुख्यालय में, इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ में तैनात किया गया है, जो चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के तहत आता है।



खबरों के मुताबिक, माधुरी ने 37 सालों तक भारतीय सेना में काम किया है। माधुरी के पति राजीव कानितकर भी लेफ्टिनेंट जनरल रहे हैं। देश के इतिहास में यह पहला मौका है, जब पति और पत्नी दोनों ही सेना में लेफ्टिनेंट जनरल रहे हों।

माधुरी पुणे में सशस्त्र बल मेडिकल कॉलेज (AFMC) की पहली महिला डीन हैं और उन्हें आर्मी मेडिकल कोर में पहला बाल चिकित्सा नेफ्रोलॉजी यूनिट स्थापित करने के लिए जाना जाता है। माधुरी ने एम्स में पीडियाट्रिक और पीडियाट्रिक नेफ्रोलॉजी की पढ़ाई एम्स से की है। इसके अलावा माधुरी प्रधानमंत्री के वैज्ञानिक और तकनीकी सलाहकार बोर्ड की भी सदस्य हैं।

बता दें, पुनीता अरोड़ा लेफ्टिनेंट जनरल के पद को संभालने वाली पहली महिला थीं। पुनीता एक सर्जन वाइस-एडमिरल और भारतीय नौसेना और भारतीय सेना की पूर्व 3-स्टार फ्लैग ऑफिसर थीं। बाद में, भारतीय वायु सेना (IAF) की महिला एयर मार्शल पद्मावती बंदोपाध्याय इस पद पर पदोन्नत होने वाली दूसरी महिला थीं।

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