मकर संक्रांति पर देशभर में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, श्रद्धालुओं ने पवित्र नदियों में लगाई आस्था की डुबकी

makar sankranti

चैतन्य भारत न्यूज

वाराणसी. देश भर में आज मकर संक्रांति मनाई जा रही है। वैसे तो हर बार यह पर्व 14 जनवरी को मनाया जाता है लेकिन ज्योतिषीय गणना के मुताबिक, इस बार सूर्य का मकर राशि में प्रवेश 14 जनवरी की रात 02:07 बजे हुआ है, इसलिए संक्रांति 15 जनवरी को मनाई जा रही है। बुधवार सुबह से ही श्रद्धालु सूर्य की आराधना कर अर्घ दे रहे हैं और पवित्र नदियों में स्नान कर रहे हैं। प्रयागराज में भी बड़ी ही श्रद्धा और आस्था के साथ मकर संक्रांति मनाई जा रही है। इस खास मौके पर संगम में श्रद्धालु डुबकी लगाने उतरे हैं।


काशी और हरिद्वार में आस्था की डुबकी

हिंदू धर्म में मकर संक्रांति की काफी मान्यता है, जिसमें दान, पुण्य किया जाता है और देवताओं को याद किया जाता है। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में भी बुधवार सुबह हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, यहां गंगा आरती में हिस्सा लिया और गंगा स्नान कर दान किया। बुधवार तड़के से ही श्रद्धालु हरकी पैड़ी भी पहुंचने लगे थे। इस दौरान लाखों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई।

क्या है मकर संक्रांति?

बता दें मकर संक्रांति के दिन भगवान सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करते हैं। सूर्य के एक राशि से दूसरी में प्रवेश करने को संक्रांति कहते हैं। इस पर्व को उत्तरायण भी कहा जाता है। इस पर्व के साथ ही देवलोक में रात्रि काल समाप्त हो जाता है। इसके बाद से दिन की शुरूआत होती है। इसलिए इस दिन भगवान सूर्य की खास पूजा का विधान है। मकर संक्राति पर गंगा या किसी भी पवित्र नदी में स्नान, व्रत, कथा, दान और सूर्य की उपासना करने का विशेष महत्त्व है।

क्यों मनाई जाती है मकर संक्रांति?

पौराणिक कथाओं के मुताबिक, मकर संक्रांति के दिन गंगा माता भगीरथ के पीछे-पीछे चलकर कपिल मुनि के आश्रम से होते हुए सागर में जा मिली थीं। इसीलिए आज के दिन गंगा स्नान का विशेष महत्व है। मकर संक्रांति को मौसम में बदलाव का सूचक भी माना जाता है। आज से वातारण में कुछ गर्मी आने लगती है और फिर बसंत ऋतु के बाद ग्रीष्म ऋतु का आगमन होता है। जबकि कुछ अन्य कथाओं के मुताबिक, मकर संक्रांति के दिन देवता पृथ्वी पर अवतरित होते हैं और गंगा स्नान करते हैं। इस वजह से भी गंगा स्नान का आज विशेष महत्व माना गया है।

अपनी राशि के अनुसार इन वस्तुओं का करें दान

मेष – गुड़ और लाल मसूर दान करें।
वृष- सतनजा (सात अनाज ) और कंबल दान करें
मिथुन- काला कंबल दान करें।
कर्क- साबुत उड़द दान करें।
सिंह- लाल मसूर और ऊनी वस्त्र दान करें।
कन्या- चने की दाल और कंबल दान करें।
तुला- काला कंबल दान करें।
वृश्चिक- सतनजा (सात अनाज) दान करें।
धनु- गुड़ और साबुत उड़द दान करें।
मकर- साबुत उड़द और चावल का मिश्रण दान करें।
कुंभ- काला कंबल और सरसों का तेल दान करें।
मीन- साबुत उड़द दान करें।

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