ममता बनर्जी के खुद को शांडिल्य गोत्र का बताने पर बवाल, ओवैसी बोले- जो लोग शांडिल्य या जनेऊधारी नहीं, उनका क्या?

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चैतन्य भारत न्यूज

पश्चिम बंगाल में मंगलवार को दूसरे चरण के मतदान के लिए चुनाव प्रचार का अंतिम दिन था। राज्य की हॉट सीट बनी नंदीग्राम विधानसभा में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रचार किया। इस दौरान सीएम ममता ने व्हीलचेयर पर बैठकर पदयात्रा पर निकलीं तो वहीं शाह ने भी एक रोड शो में हिस्सा लिया।

वास्तव में मैं शांडिल्य हूं- ममता

ममता बनर्जी ने दूसरे चरण के प्रचार के आखिरी दिन एक बड़ा दांव खेला। उन्होंने मंच से अपने गोत्र का खुलासा किया, जिसके बाद राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। ममता बनर्जी ने अपना गोत्र शांडिल्य बताया। उन्होंने कहा कि, ‘मैंने एक मंदिर का दौरा किया था जहां पुजारी ने मेरा गोत्र पूछा, मैंने कहा माँ, माटी, मानुष। यह मुझे मेरी त्रिपुरा के त्रिपुरेश्वरी मंदिर की याद दिलाता है, जहां पुजारी ने मुझसे मेरा गोत्र पूछा और मैंने मां, माटी, मानुष कहा था, वास्तव में मैं शांडिल्य हूं।’

ममता बनर्जी चुनाव हारने के डर से गोत्र बताती हैं-  गिरिराज सिंह

ममता के ‘गोत्र’ वाले बयान पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि, ‘मुझे तो कभी गोत्र बताने की जरूरत नहीं पड़ी, मैं तो लिखता हूं। लेकिन ममता बनर्जी चुनाव हारने के डर से गोत्र बताती हैं। ममता बनर्जी अब आप मुझे बात दीजिए कि कहीं रोहिंग्या और घुसपैठियों का गोत्र भी शांडिल्य तो नहीं है। उनका हारना तय है।’

ये नियमों के खिलाफ है- ओवैसी

साथ ही AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी ने ममता बनर्जी पर निशाना साधा है। ओवैसी ने कहा है कि, ‘उनके जैसे लोग जो शांडिल्य या जनेऊधारी नहीं हैं या किसी भगवान के भक्त नहीं है और चालीसा या कोई और पाठ नहीं करते हैं उनका क्या होगा? सभी पार्टी को लगता है कि उसे जीतने के लिए खुद को हिंदू दिखाना जरूरी है। ये नियमों के खिलाफ है, अपमानजनक है और सफल होने वाला नहीं है।’

 

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