मरीज के जरूरी अंग मिले उलटी तरफ, 36 साल तक रहा इस बात से अनजान

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चैतन्य भारत न्यूज

इंदौर (मप्र)। एमवाय अस्पताल में एक मरीज की जांच के दौरान डॉक्टर भी हैरान रह गए क्योंकि उसके शरीर के कई महत्वपूर्ण अंग उलटी तरफ थे। हृदय (हार्ट) बाएं न होकर दाईं तरफ था तो लिवर दाएं न होकर बाएं था। डॉक्टरों के मुताबिक साइटस इन्वर्सस टोटेलिस नामक यह बीमारी जन्मजात होती है और एक लाख में से 10 लोगों में पाई जाती है। इस मामले में हैरानी की बात यह भी रही कि 36 वर्ष के मरीज को इस बात की जानकारी भी नहीं थी। सोमवार को डॉक्टरों ने इस मरीज के अपेंडिक्स व छोटी आंत का सफल ऑपरेशन किया।

सर्जरी करने वाले डॉ. अरविंद शुक्ला के मुताबिक 36 वर्षीय बाबूलाल को कुछ माह से पेट में दर्द रहता था, धीरे-धीरे यह बढ़ने लगा। उन्होंने शहर में कई डॉक्टरों को दिखाया लेकिन सही उपचार नहीं मिला। एमवाय अस्पताल में मेडिसिन विभाग के विशेषज्ञ ने जांच में पाया कि बाबूलाल के हृदय की धड़कन बाईं ओर से नहीं बल्कि दाईं ओर सुनाई दे रही है। गहन जांच में पाया गया कि हार्ट अपने स्थान (बाईं तरफ) न होकर दाईं तरफ है। इसी तरह सामान्य तौर पर दाईं ओर पाया जाने वाला लिवर बाईं और है। यही नहीं, कई अंग उलटी दिशा में पाए गए। पेट दर्द की समस्या के समाधान के लिए उसे सर्जरी विभाग में भेजा गया।

डॉ. शुक्ला ने बताया कि बाबूलाल के पेट में संक्रमण मिला। अपेंडिक्स व छोटी आंत चिपकी व उलझी हुई मिलीं। बड़ी आंत भी बाईं तरफ न होकर दाईं तरफ थी। इसे ठीक करने के लिए ऑपरेशन जरूरी था लेकिन वह भी अंगों के दूसरी दिशा में होने की वजह से चुनौतीपूर्ण था। जोखिम कम से कम हो इसलिए दूरबीन पद्धति से ऑपरेशन करने का निर्णय लिया गया। यही नहीं, इस स्थिति में हार्ट में भी कई जटिलताएं मिलती हैं। जैसे हृदय में छेद होना, हार्ट के वॉल्व में खराबी होना आदि इसलिए बेहोशी के दौरान भी कई जोखिम हो सकते थे। विभागाध्यक्ष डॉ. आर.के. माथुर के निर्देशन में डॉ. अरविंद शुक्ला, सहयोगी डॉ. वर्षा धाकड़, डॉ. यश, डॉ. सौरभ ने सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। एनेस्थीसिया विभाग के डॉ. केके अरोड़ा और कंसलटेंट डॉ. कबीर कौशल का भी योगदान रहा। अपेंडिक्स व छोटी आंत का ऑपरेशन सफल रहा है और मरीज को जल्द ही छुट्टी दे दी जाएगी। लेकिन उन्हें समय-समय पर डॉक्टरों को दिखाते रहने की सलाह दी जाएगी।

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