मन की बात: पीएम मोदी ने कहा- आज का पीढ़ी बेहद तेज-तर्रार, इन्हें परिवारवाद और जातिवाद पसंद नहीं

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चैतन्य भारत न्यूज

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को साल 2019 में आखिरी बार मन की बात कार्यक्रम संबोधित किया। पीएम मोदी ने आज मन की बात कार्यक्रम की शुरुआत युवाओं को बधाई देते हुए की। उन्होंने कहा कि, ‘हमारी ये पीढ़ी बहुत की प्रतिभाशाली है। भारत के युवा हर दिन कुछ नया करना चाहते है। आज के युवा एक बेहतर सिस्टम पंसद करते हैं और अगर कोई सिस्टम सही से काम न करे तो वे बेचैन हो जाते हैं।’

आज की पीढ़ी बेहद तेज-तर्रार

पीएम ने कहा, ‘देश के युवाओं को अराजकता, अस्थिरता और जातिवाद से चिढ़ है। आज का युवा जात-पात से ऊंचा सोचता है। ये युवा परिवाववाद और जातिवाद पसंद नहीं करते हैं। आज का पीढ़ी बेहद तेज-तर्रार है। ये पीढ़ी कुछ नया और कुछ अलग करने की सोचती है। वैसे एक चीज तो निश्चित है आने वाले दशक में युवा भारत राष्ट्र निर्माण में अहम रोल अदा करेगा।’

स्वामी विवेकानंद का किया जिक्र

पीएम मोदी ने इस दौरान स्वामी विवेकानंद का जिक्र करते हुए कहा कि, ‘स्वामी विवेकानंद जी कहते थे कि युवावस्था की कीमत को नहीं आंका जा सकता है। ये जीवन का सबसे मूल्यवान कालखंड होता है। पीएम ने कहा कि आपका जीवन इस पर निर्भर करता है कि आप अपनी युवावस्था का उपयोग किस प्रकार करते हैं।’



इस दौरान पीएम ने एल्युमिनी कार्यक्रम का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि, ‘हम अलग अलग कॉलेजों में, यूनिवर्सिटीज में और स्कूल्स में पढ़ते तो हैं, लेकिन पढ़ने के बाद Alumni meet एक बहुत सुहाना अवसर है। इस अवसर पर सभी नौजवान पुरानी यादों में खो जाते हैं, इसका एक अलग ही आनंद है। यह कार्यक्रम पुराने दोस्तों से मिलने के लिए तो होता ही है और अगर इसके साथ कोई संकल्प जुड़ जाएं तो इसमें रंग भर जाता है।’

2022 के लिए स्वदेशी का नारा

प्रधानमंत्री ने देश की जनता से स्थानीय सामानों को खरीदने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि, ‘2022 आजादी के 75 साल पूरे होंगे। इससे पहले हमें देशवासियों के खून-पसीने से बनीं चीजों को इस्तेमाल को बढ़ावा देना चाहिए। साल 2022 में देश के लोग स्थानीय सामानों को खरीदने पर जोर दें।’

हिमायत प्रोग्राम का किया जिक्र

इस दौरान पीएम ने जम्मू-कश्मीर के हिमायत प्रोग्राम का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि, जम्मू कश्मीर के हिमायत प्रोग्राम स्किल डिवेलपमेंट से जुड़ा है। इस कार्यक्रम के तहत 18 हजार लोगों को प्रशिक्षण दिया गया है। जबकि 5000 युवाओं को रोजगार भी मिला।’

संसद ने तोड़ा 60 साल का रिकॉर्ड

पीएम मोदी ने कहा कि, ‘संसद को हम लोकतंत्र का मंदिर समझते हैं। आज मैं बेहद ही गर्व के साथ कहना चाहूंगा कि आपने जिन सांसदों को चुना है उन्होंने काम काज के मामले में पिछले 60 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। पिछले 6 महीने में 17वीं लोकसभा में संसद के दोनों सदनों ने रिकॉर्डतोड़ काम किया है।’

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