मॉरीशस: तेल रिसाव वाले जापानी जहाज का भारतीय कैप्टन हुआ गिरफ्तार, बर्थडे पार्टी के लिए जहाज को तट के करीब लाने का लगा आरोप

चैतन्य भारत न्यूज

मॉरीशस तट पर पर 1,000 टन तेल लीक करने करने वाला जापानी जहाज दो हिस्सों में टूट गया था। इसके बाद मॉरीशस में अधिकारियों ने जापानी कार्गो शिप एमवी वकाशियो के भारतीय कैप्टन सुनील कुमार नंदेश्वर को गिरफ्तार कर लिया है। मॉरिशस पुलिस का आरोप है कि नंदेश्वर बर्थडे पार्टी मनाने और वाईफाई सिग्नल कैच करने के लिए जहाज को तट के करीब ले आए, जिससे वह कोरल की चट्टान से टकरा गया। फिलहाल पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है।

क्रू सदस्यों के बयान लिए जा रहे

इस बारे में मॉरीशस के पुलिस इंस्पेक्टर सिवो कोथेन ने कहा कि, एमवी वाकाशियो के कैप्टन सुनील कुमार नंदेश्वर जो कि भारत के हैं, उन पर सुरक्षित नेविगेशन को खतरे में डालने का आरोप लगा है और अगले हफ्ते होने वाली जमानत की सुनवाई तक हिरासत में हैं। पुलिस इंस्पेक्टर ने कहा कि जहाज का पहला अधिकारी भी आरोपित था और उसे पकड़ा जा रहा है। पुलिस इंस्पेक्टर सिवो कोथेन ने कहा कि हम पूरी जांच कर रहे हैं और सभी क्रू सदस्यों का बयान ले रहे हैं।

25 अगस्त तक हिरासत में रहेंगे नंदेश्वर

बता दें 25 जुलाई को यह जहाज हादसे का शिकार हुआ था। बीते हफ्ते यह जहाज दो टुकड़ों में टूट गया था। मंगलवार को नंदेश्वर को पोर्ट लुइस की कोर्ट में पेश किया गया। उन्हें 25 अगस्त तक पुलिस हिरासत में रखा जाएगा। जहाज के फर्स्ट ऑफिसर को भी गिरफ्तार किया गया है।

कार्गो कंपनी का दावा- खराब मौसम की वजह से हुआ हादसा

कार्गो शिप एमवी वकाशियो जापानी कंपनी नागाशिकी के लिए काम करने वाली मिटसुई ओएसके लाइन्स का है। कंपनी ने दावा किया था खराब मौसम की वजह से शिप चट्टान से टकराया था। इसके बाद जहाज की निचली सतह में दरार आ गई, जिससे तेल का रिसाव शुरू हुआ। तकनीकी तौर पर इसे तट से करीब 16 किलोमीटर दूर रहना था, जबकि यह सिर्फ एक किलोमीटर की दूरी पर फंसा पाया गया।

मॉरिशस ने एनवॉयरंमेंटल इमरजेंसी घोषित की थी

मॉरिशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ ने इस मामले पर 8 अगस्त को एनवॉयरंमेंटल इमरजेंसी, यानी पर्यावरण आपातकाल, का ऐलान किया था। जहाज से तेल का रिसाव ऐसी जगह पर हुआ है जो ब्लू बे मरीन पार्क रिजर्व और आइलैंड के पास है। इससे मरीन रिजर्व पार्क के समुद्री जीवों और पौधों की कई प्रजातियों को खतरा है। रिसाव के बाद मॉरिशस के कई समुद्री तटों पर पानी का रंग काला हो गया है।

एक हजार टन तेल समुद्र में फैला

गौरतलब है कि जापान के एक स्वामित्व वाले जहाज से कई टन तेल का रिसाव हो गया। एमवी वाकाशिओ नामक यह विशाल जहाज 25 जुलाई को मॉरीशस के मूंगा-चट्टान से जा टकराया और इसका ढांचा तेज लहरों के साथ टूटना शुरू हुआ, जिसके बाद जहाज से तेल रिसाव शुरू हो गया। तेल टैंकर के दो टुकड़े हो गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि इसमें शेष बचा तेल समुद्र में फैल गया है। जानकारी के मुताबिक, जहाज में चार हजार टन तेल लदा था, जिसमें से करीब एक हजार टन समुद्र में फैल गया था। हालात की गंभीरता को देखते हुए मारीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ ने पर्यावरणीय आपातकाल की घोषणा की थी और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मदद मांगी थी। भारत सरकार ने मदद का हाथ आगे बढ़ाते हुए भारतीय वायुसेना के विमान के जरिए मॉरीशस के लिए 30 टन से अधिक तकनीकी उपकरण और सामग्री भेजी है।

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