मॉरीशस: चट्टान से टकराया जहाज, रिस रहे तेल को सोखने के लिए अपने बाल दान कर रहे स्थानीय लोग

चैतन्य भारत न्यूज

25 जुलाई को मॉरीशस के पास हिंद महासागर में एक मूंगा चट्टान से जापान का जहाज टकराने के बाद ईंधन लीक होने की वजह से पर्यावरण संकट पैदा हो गया है। एमवी वाकाशिओ नामक यह पोत 25 जुलाई से समुद्र में फंसा है और धीरे-धीरे डूब रहा है। इस जहाज पर 2500 मीट्रिक टन तेल है। इसमें से एक हजार टन से ज्यादा तेल रिस कर फैल चुका है। इसके कारण मॉरीशस के खूबसूरत समुद्री तट अब काले और चिपचिपे हो गए हैं।

समुद्री सतह से तेल की सफाई करने में जुटे वॉलंटियर्स को अब जहाज में नई दरारें नजर आईं। यदि यह जहाज पूरा टूटता है तो इससे हजारों समुद्री जीव मारे जाने का खतरा है। इसके साथ ही पर्यावरण को भी काफी नुकसान होगा। समुद्र की सफाई आसान नहीं होगी।

बता दें इस देश की कुल आबादी 13 लाख है और इनमे से 50 प्रतिशत लोग हिंदू हैं। हालात को देखते हुए प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ ने पर्यावरणीय आपातकाल की घोषणा करते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मदद मांगी थी। उन्होंने कहा था कि तेल रिसाव से उनके देश की 13 लाख की आबादी के लिए गंभीर खतरा पैदा हो गया है, जो बहुत हद तक पर्यटन पर निर्भर है। कोरोना संकट के चलते पहले ही पर्यटन को भारी नुकसान पहुंचा है।

जहाज पर 2500 मीट्रिक टन कच्चा तेल

मॉरिशस के सांसद सुनील द्वारका सिंह ने बताया, इस पर तेल से भरे तीन टैंक हैं। इनमें से एक टैंक से तेल का रिसाव शुरू हुआ था। फिलहाल, इस टैंक की मरम्मत कर दी गई है। फंसे हुए जहाज से दूसरे जहाजों और टैंकों की मदद से तेल निकालने का ऑपरेशन जारी है। कोशिश की जा रही है कि जहाज के टूटने से पहले सारा कच्चा तेल इससे निकाल लिया जाए। मौसम अच्छा होने की वजह से जहाज को खाली करने का काम तेजी से किया जा रहा है।

अपने बाल दान कर रहे लोग

मॉरिशस की सुंदरता और यहां का पर्यटन ही इस देश की आमदनी है। इसलिए यहां के लोग अपने बाल दान करके समुद्र की खूबसूरती को बचा रहे हैं। सैलून वाले भी बालों का कोई शुल्क नहीं ले रहे हैं। इन बालों को एक जूट बोरे में भरकर समुद्र में फेंका जा रहा है। सांसद जोन्ना बेरेंगर ने बताया कि, हमारे कार्यकर्ता गन्ने के पत्तों और बालों से भरी लंबी बोरियों को समुद्र में फेंककर तेल का रिसाव रोक रहे हैं। 1 किलो बाल करीब 8 लीटर तक तेल को सोख सकते हैं इसलिए हमने लोगों से बाल दान करवाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।

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