जिन मंत्रियों ने अपने पद से दिया इस्तीफा, उन्हें मिल सकती है यह जिम्मेदारी

चैतन्य भारत न्यूज

कुछ केंद्रीय मंत्रियों के इस्तीफे से उनके समर्थक सकते में हैं। उन्हें इसका अंदेशा भी नहीं था कि उनके नेता का मंत्री पद चला जाएगा। अब उनकी नई भूमिका को लेकर भी कयास लगने लगे हैं। संभावना है कि रविशंकर प्रसाद, हर्षवर्धन और प्रकाश जावड़ेकर सहित 12 मंत्रियों की विदाई के बाद अब इनमें से कुछ को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) संगठन में अहम जिम्मेदारी सौंपी जाए। केंद्रीय मंत्रिपरिषद में बुधवार को हुए फेरबदल और विस्तार में बीजेपी महासचिव भूपेंद्र यादव और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अन्नपूर्णा देवी सहित पार्टी संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियां संभाल रहे पांच नेताओं को मंत्री बनाया गया है।

भूपेंद्र यादव को केंद्रीय श्रम एवं रोजगार के अलावा वन एवं पर्यावरण मंत्री भी बनाया गया है। वहीं, अन्नपूर्णा देवी को शिक्षा राज्यमंत्री बनाया गया है। इन दोनों नेताओं के अलावा पार्टी के राष्ट्रीय सचिव विश्वेश्वर टुडु, राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव चंद्रशेखर और तमिलनाडु बीजेपी के अध्यक्ष एल मुरुगन को केंद्रीय मंत्रिपरिषद में शामिल किया है।

बीजेपी में ‘एक व्यक्ति, एक पद’ का सिद्धांत लागू है, इसलिए माना जा रहा है कि सरकार में शामिल किए गए नेताओं की जगह संगठन में नए लोगों को जिम्मेदारी दी जा सकती है। यह संभावना जताई जा रही है कि प्रसाद, हर्षवर्धन और जावड़ेकर सहित केंद्रीय मंत्रिपरिषद से बाहर किए गए नेताओं को संगठन में भूमिका दी जा सकती है।

इन तीनों नेताओं के अलावा थावरचंद गहलोत, संतोष गंगवार, रमेश पोखरियाल निशंक, सदानंद गौड़ा, बाबुल सुप्रियो, देबश्री चौधरी, संजय धोत्रे, रतनलाल कटारिया और प्रतापचंद सारंगी को भी मंत्रिपरिषद से हटाया गया है। गहलोत को तो कर्नाटक का राज्यपाल नियुक्त कर दिया है, लेकिन उनके इस्तीफे से राज्यसभा में नेता सदन का पद भी खाली हो गया है। वह पार्टी की सर्वाच्च नीति निर्धारक इकाई संसदीय बोर्ड में लंबे समय तक दलित प्रतिनिधि के रूप में भी रहे हैं।

पार्टी संविधान के मुताबिक संसदीय बोर्ड में अध्यक्ष के अतिरिक्त 10 सदस्य होते हैं। पार्टी महासचिवों में से एक इस संसदीय बोर्ड का सचिव होता है। लेकिन वर्तमान संसदीय बोर्ड में सात ही सदस्य हैं। इनमें भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गड़करी, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और संगठन महामंत्री बी एल संतोष शामिल हैं। संसदीय बोर्ड में भी तीन पद फिलहाल रिक्त हैं।

वर्तमान में बीजेपी संगठन में भूपेंद्र यादव सहित आठ महासचिव, अन्नपूर्णा देवी सहित 12 उपाध्यक्ष और टुडु सहित 13 सचिव हैं। जनवरी 2020 में बीजेपी का अध्यक्ष बनने के बाद नड्डा ने लगभग आठ महीने के बाद अपनी टीम बनाई थी। अभी तक पार्टी संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियां संभाल रहे नेताओं को सरकार में शामिल किए जाने के बाद अब कयास लगाए जाने लगे है कि पार्टी संगठन में नए चेहरों को शामिल किया जा सकता है।

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