मिर्जापुर: आतंकी बंदर ‘कलुआ’ को हुई उम्रकैद, महिलाओं और बच्चियों को सताता था, करता था मांस और शराब का सेवन

kalua bandar

चैतन्य भारत न्यूज

मिर्जापुर. आपने आज तक इंसानों को तो उम्र कैद या अन्य सजाएं होते तो सुना होगा लेकिन क्या आपने कभी किसी जानवर को उम्र कैद की सजा होते सुना है? मिर्जापुर के एक बंदर को कानपुर के प्राणी उद्यान में उम्र भर रखा जाएगा। तीन साल पहले मिर्जापुर जिले में इस बंदर ने आतंक मचाना शुरू किया था। उसकी आदत में कोई सुधार न आने पर प्राणी उद्यान के विशेषज्ञों ने उसे ताउम्र पिंजरे में कैद रखने का फैसला लिया है।

इस वजह से रखा ‘कलुआ’ नाम

जानकारी के मुताबिक, यह बंदर सैकड़ों लोगों को काट चुका था। दिसंबर में उसका आतंक चरम पर पहुंच गया था। वह महिलाओं व छोटी बच्चियों के चेहरे को काट कर भाग जाता था। साल 2017 में कानपुर से वन विभाग की टीम ने बंदर को बंदूक से बेहोशी का इंजेक्शन लगाकर पकड़ा था। फिर कानपुर प्राणी उद्यान की टीम ने अस्पताल परिसर में उसे पिंजड़े में बंद रखा। मुंह व शरीर काला होने के कारण उसका नाम कलुआ रखा गया।

पिंजरे में रहकर भी कोई सुधार नहीं

प्राणी उद्यान के अस्पताल में उस बंदर को काफी समय तक आइसोलेशन में रखा गया। पिंजड़े में कैद बंदर की हर हरकत और गतिविधियों पर डॉक्टर और विशेषज्ञ नजर रखे थे। लेकिन तीन साल तक उसके व्यवहार में कोई नरमी या सुधार देखने को नहीं मिला। इस कारण प्राणी उद्यान के डॉक्टर और विशेषज्ञ ने उसे ताउम्र पिंजड़े में ही कैद रखने का फैसला लिया।

करता था मांस-शराब का सेवन

प्राणी उद्यान कानपुर के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. मोहम्मद सगीर ने कहा कि, वह बंदर मांस खाने, शराब पीने का आदी था। उसे एक तांत्रिक ने पाला था। तांत्रिक उसे शराब देता था। तांत्रिक की मौत के बाद बंदर आजाद हुआ तो लोगों को जख्मी करने लगा।

Related posts