GST काउंसिल बैठक में फैसला- 1 अप्रैल से इतने महंगे हो जाएंगे मोबाइल फोन

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चैतन्य भारत न्यूज

भोपाल. आने वाले समय में मोबाइल फोन महंगा हो जाएगा। सरकार ने मोबाइल फोन पर जीएसटी (GST) बढ़ा दिया है। यह फैसला जीएसटी काउंसिल की 39वीं बैठक में लिया गया।


6 फीसदी बढ़ोतरी हुई

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में शनिवार को हुई वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद की बैठक में मोबाइल फोन पर लगने वाले जीएसटी को 18 फीसदी करने का फैसला किया गया। पहले मोबाइल पर 12 फीसदी टैक्स लगाया जाता था। यानी मोबाइल फोन पर टैक्स में 6 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है।

कुछ ब्रांड के मोबाइल हुए महंगे

बता दें कोरोनावायरस के कारण चीन से मोबाइल कंपोनेंट की आपूर्ति प्रभावित हो इससे पहले ही हैंडसेट कंपनियां कीमत में बढ़ोतरी की बात कर रही हैं। कुछ ब्रांड के मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट के दामों में पहले से ज्यादा तेजी देखने को मिल रही है।

इन चीजों के दाम में होगा बदलाव

  • बैठक के बाद निर्मला सीतारमण ने बताया कि, माचिस पर 12 फीसदी का जीएसटी लगेगा। पहले हाथ से बनाई गई माचिस पर 5 फीसदी का टैक्स लगता था। लेकिन अब परिषद ने हाथ से और मशीनों से दोनों प्रकार से बनी माचिस पर जीएसटी की दर समान रूप से 12 प्रतिशत कर दिया है।
  • एयरक्रॉफ्ट की मरम्मत और सभी सेवा पर जीएसटी की दर को 18 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है। बता दें भारत में इस सेवा के अभाव के कारण एयरलाइन कंपनियों को विमानों की मरम्मत के लिए उन्हें विदेश भेजना पड़ता है और इस पर भारी खर्च आता है। ये सभी निर्णय 1 अप्रैल 2020 से प्रभावी होंगे।

लेट फाइन किया माफ

जीएसटी परिषद ने इस बैठक में दो करोड़ रुपए से कम का कारोबार वाली इकाइयों को वित्त वर्ष 2017-18, 2018-19 के लिए वार्षिक रिटर्न भरने में देरी पर लागू लेट फाइन को भी माफ करने का फैसला लिया है। ये नियम विवरण के समाधान दाखिल करने में देरी होने पर भी लागू होगा। साथ ही जीएसटी परिषद ने भुगतान में देरी करने पर एक जुलाई से नेट टैक्स देनदारी पर ब्याज लगाने का फैसला किया है।

GSTN प्रणाली को किया जाएगा बेहतर

निर्मला सीतारमण ने बताया कि परिषद ने इन्फोसिस कंपनी से जीएसटी नेटवर्क (जीएसटीएन) में अधिक दक्ष कर्मचारी लगाने और जीएसटी नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने को कहा है जिससे कि इस प्रणाली को किसी भी तरह की मुसीबत से मुक्त किया जा सके। जीएसटीएन को इन्फोसिस ने ही डिजाइन किया है। परिषद ने इन्फोसिस से यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि जुलाई, 2020 तक यह प्रणाली ज्यादा बेहतर तरीके से काम करे।

बैठक में ये लोग हुए थे शामिल

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई जीएसटी परिषद की 39वीं बैठक उस समय हुई जब दुनियाभर में अर्थव्यवयस्था सुस्त है और कोरोना वायरस ने और ज्यादा गंभीर बना दिया है। बैठक में वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर, विभिन्न राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के वित्त मंत्रियों, केंद्र सरकार एवं राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारियों और इंफोसिस के चेयरमैन नंदन निलेकणी ने हिस्सा लिया।

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