मोदी सरकार ने इन 10 सरकारी बैंकों के विलय को दी मंजूरी, जानें ग्राहकों पर क्या होगा असर

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चैतन्य भारत न्यूज

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में 10 बड़े सरकारी बैंकों के विलय को मंजूरी मिल गई है। इन 10 सरकारी बैंकों को 4 बड़े बैंकों में तब्दील किया जाएगा। इस हफ्ते ही सरकार इसे लेकर अधिकारिक घोषणा कर सकती है।



बता दें वित्त मंत्रालय ने 30 अगस्त 2019 को 10 सरकारी बैंकों के विलय की घोषणा की गई थी। उन्होंने अप्रैल तक यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया और ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स समेत 10 बैंकों का विलय किए जाने का लक्ष्य रखा था। विलय की प्रक्रिया के बाद देश में सरकारी बैंकों की संख्या घटकर 12 रह जाएगी। बता दें इससे पहले देना बैंक और विजया बैंक का बैंक ऑफ बड़ौदा में विलय हुआ था।

किसका किस बैंक में होगा विलय

  • ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और यूनाइटेड बैंक का पंजाब नेशनल बैंक में विलय किया जाएगा। विलय के बाद यह देश का दूसरा सबसे बड़ा बैंक बन जाएगा। नए बैंक के पास करीब 17 लाख करोड़ रुपए का कारोबार होगा।
  • केनरा बैंक में सिंडिकेट बैंक का विलय होगा। विलय के बाद यह देश का चौथा सबसे बड़ा बैंक बन जाएगा। इस बैंक के पास 15.20 लाख करोड़ रुपए का कारोबार होगा।
  • यूनियन बैंक का आंध्रा बैंक और कॉरपोरेशन बैंक के साथ विलय होगा। विलय के बाद बनने वाला बैंक देश का पांचवां सबसे बड़ा सरकारी बैंक होगा। इस बैंक के पास 14.59 लाख करोड़ रुपए का कारोबार होगा।
  • इलाहाबाद बैंक का इंडियन बैंक में विलय होगा। फिर यह देश का सातवां सबसे बड़ा बैंक बन जाएगा। इस बैंक के पास 8.08 लाख करोड़ रुपए का कारोबार होगा।
  • विलय के बाद सार्वजनिक सेक्टर में सिर्फ भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक, केनरा बैंक, यूनियन बैंक, इंडियन बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन ओवरसीज बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र और यूको बैंक ही रह जाएंगे। नए बैंक 1 अप्रैल 2020 से अस्तित्व में आ सकते हैं।

ग्राहकों को क्या करना होगा

  • बैंकों के विलय के बाद ग्राहकों को नया अकाउंट नंबर और नया कस्टमर आईडी मिल सकता है।
  • यदि ग्राहकों को नए अकाउंट नंबर या IFSC कोड मिलेंगे तो उन्हें अपनी नई डिटेल्स को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट, इंश्योरंस कंपनियों, म्यूचुअल फंड, नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस) आदि में अपडेट करवाने होंगे।
  • SIP या लोन EMI के लिए भी ग्राहकों को नया इंस्ट्रक्शन फॉर्म भरना पड़ सकता है।
  • ग्राहकों को नई चेकबुक, डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड इशू हो सकता है।
  • हालांकि, बैंकों के विलय से फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) या रेकरिंग डिपॉजिट (RD) पर मिलने वाले ब्याज में कोई बदलाव नहीं होगा।
  • जिन ब्याज दरों पर व्हीकल लोन, होम लोन, पर्सनल लोन लिए गए हैं उनमें भी बदलाव नहीं होगा।
  • कुछ शाखाएं जरूर बंद हो सकती हैं जिसके बाद ग्राहकों को नई शाखा में जाना पड़ेगा।

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