मामूली नहीं मूंग, वजन से लेकर शुगर तक सबको रखते हैं नियंत्रित

moong

चैतन्य भारत न्यूज

मूंग में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और बायो एक्टिव कंपाउंड्स शरीर की स्वास्थ्य आवश्यकताओं की पूर्ति करते हैं। यह बीजिंग यूनिवर्सिटी में हाल ही में हुए एक शोध में उजागर हुआ है। शोध में पाया गया कि दालों में जहां एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाया जाता है तो वहीं उन्हें भोजन में शामिल करने से उम्र बढ़ने के साथ होने वाली शारीरिक क्षति की गति भी मंद पड़ जाती है।


मूंग में मौजूद ये पोषक तत्व 

मूंग के एक कप यानी लगभग 200 ग्राम बीजों से 212 कैलोरीज बनती हैं जिसमें प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, फायबर, फॉलेट, मैग्नीज, विटामिन b1, मैग्नीशियम, फास्फोरस, आयरन, कॉपर, पोटैशियम, जिंक और विटामिन B2,B3 ,B6 शामिल हैं।

शरीर पैदा नहीं कर पाता एमिनो एसिड

मूंग के बीजों में वह आवश्यक एमिनो एसिड मौजूद होते हैं जिन्हें हमारा शरीर पैदा नहीं कर पाता है लेकिन उनकी जरूरत हमेशा बनी रहती है। मूंग की दाल अथवा अंकुरित मूंग से एमिनो एसिड की पूर्ति होती है। इसी तरह पौधों से प्राप्त होने वाले प्रोटीनों में मूंग बीजों के प्रोटींस को श्रेष्ठ माना गया है।

  • मूंग में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट फेफड़ों और पेट में कैंसर के सेल्स द्वारा पहुंचाई जा रही क्षति को खत्म करने में समर्थ है।
  • मुंह में विटामिंस और आइसोविटेक्सिन नामक एंटीऑक्सीडेंट्स हीट स्ट्रोक (लू लग्न) को रोकने में समर्थ है। हमारे देश सहित अन्य एशियाई देशों में गर्मी के मौसम में मूंग का सूप पीने का चलन है।
  • बैड कोलेस्ट्रॉल को कम कर देने की क्षमता होने के कारण मूंग का सेवन करने वालों को हार्ड डिसीज का जोखिम कम हो जाता है।
  • दूसरी दालों को खाने के बाद अपानवायु निकलने की शिकायत हो सकती है, लेकिन मूंग के साथ ऐसा नहीं है। दरअसल मूंग में मौजूद कार्बोहाइड्रेट्स को आसानी से हजम किया जा सकता है जबकि दूसरी दालों को हजम करने में दिक्कत होती है।
  • यदि खून में शुगर की मात्रा यानी डायबिटीज को नियंत्रण में नहीं रखा जाए तो गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा होती हैं। डायबिटीज को कई रोगों की जड़ माना जाता है। लेकिन मूंग के बीजों में कई ऐसी खूबियां हैं जिनमें ब्लड शुगर लेवल हटाया जा सकता है। इसी के साथ ली जा रही इंसुलिन को भी और अधिक प्रभावशाली बनाया जा सकता है
  • वजन घटाने के लिए मूंग की दाल अथवा अंकुरित बीजों पर निर्भर रहा जा सकता है। एक शोध अध्ययन में पाया गया कि फायबर प्रोटीन भूख लगाने वाले ‘हंगर हार्मोन घ्रेलीन’ को दबाने में समर्थ होते हैं। इससे कम से कम मात्रा में कैलोरी शरीर के अंदर जाएगी और वजन भी संतुलित रहेगा।

ये भी पढ़े…

खाने का स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ सेहत भी बनाती हैं चटनियां, जानिए इनके अनसुने फायदे

अमृत के समान है आंवला, जानिए इसके सेहत से जुड़े फायदे

गर्मी के मौसम में सेहत के लिए वरदान है सत्तू, जानिए इसके 5 बेहतरीन फायदे

Related posts