ये है विश्व का सबसे अनोखा देश, जहां 7 से अधिक बच्चे पैदा करने पर मां को दिया जाता है स्वर्ण पदक

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चैतन्य भारत न्यूज

विश्व जहां जनसंख्या वृद्धि की समस्या को लेकर जूझ रहा है और कई तरह के परिवार नियोजन कार्यक्रमों के माध्यम से इसका हल निकालने की कोशिश की जा रही है, वहीं यहां एक ऐसा देश भी है जहां की सरकार चाहती है कि परिवारों में अधिक बच्चे हों। इतना ही नहीं बल्कि इस देश की जन्म दर बढ़ाने में योगदान देने वाली वाली मांओं को ‘हीरो मदर्स’ का मेडल दिया जाता है।



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कजाखस्तान देश के किसी परिवार में छह बच्चे होने पर मां को रजत पदक देकर सम्मानित किया जाता है और यहां पर सात या उससे ज्यादा बच्चे पैदा करने पर मां को स्वर्ण पदक से भी नवाजा जाता है। इसके साथ ही कजाखस्तान में ऐसी माताओं को सरकार की तरफ से ताउम्र मासिक भत्ता भी दिया जाता है।

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इस अनोखे फैसले को लेकर कजाखस्तान के श्रम और सामाजिक कार्यक्रम विभाग की अक्साना एलुसेजोवा ने बताया है कि, ‘कजाखस्तान सरकार की नीति है कि अपने देश में ज्यादा से ज्यादा बच्चे होने चाहिए। दूसरी तरफ कजाखस्तान के सभी लोग भी इस बारे में हमेशा बात करते हैं कि ज्यादा बच्चे हों, जिससे कजाखस्तान की आबादी बड़ जाए।’

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कजाखस्तान की रहने वाली रौशन कोजोमकुलोवा 10 बच्चों की मां हैं। उनके पास रजत और स्वर्ण पदक दोनों हैं। अपनी इन उपलब्धियों पर कोजोमकुलोवा को फख्र है। जानकारी के मुताबिक, जो माताएं मेडल नहीं जीत पातीं, वे भी सरकार से आर्थिक सहायता पा सकती हैं। जिन परिवारों में चार बच्चे हैं, उनको भत्ता दिया जाता है, जब तक कि बच्चे 21 साल के न हो जाएं।

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यहां माताओं को पदक से नवाजने और आर्थिक मदद देने की प्रथा सोवियत संघ के समय शुरू हुई थी। साल 1944 में सोवियत संघ ने ‘मदर हीरोइन’ पुरस्कार शुरू किया था। यह उन परिवारों को दिया जाता था, जिनमें 10 या अधिक बच्चे हों। मांओं को सम्मानित करने के लिए सोवियत सरकार उनको सितारे जैसा बैज और प्रशस्ति-पत्र देती थी।

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