इंडोनेशिया: 23 दिन तक धधकने के बाद फटा माउंट मेरापी ज्वालमुखी, ले चुका है 36 हजार से ज्यादा लोगों की जान

चैतन्य भारत न्यूज

इंडोनेशिया. इंडोनेशिया का सबसे ज्यादा एक्टिव ज्वालामुखी बुधवार को फिर से फूट पड़ा है। तेज धमाके के साथ फटे इस ज्वालामुखी से लावे की नदी बह निकली। बताया जा रहा है कि ज्वालामुखी का धुंआ करीब 5 हजार फीट यानि करीब 1500 मीटर तक उठ रहा है, जिसकी वजह से इलाके में पूरा आसमान धुएं से ढंक चुका है। साथ ही आसमान में राख, गैस और धूल का गुबार भी फैल गया। इसके धमाके की आवाज कई किलोमीटर तक सुनाई दी।

इंडोनेशिया में मध्य जावा की सीमा पर स्थित योग्याकार्ता प्रांत में स्थित 2968 मीटर यानी 9737 फीट ऊंचे इस पहाड़ में जब विस्फोट हुआ तो इसकी आवाज 30 किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। पहाड़ के ऊपर से उसके नीचे तक गर्म और पिघले हुए लावा की नदी बह निकली। इंडोनेशिया सरकार ने ज्वालामुखी फूटने से पहले ही पांच किलोमीटर इलाके को पूरी तरह से खाली करवा लिया था। बताया जा रहा है कि सरकार ने करीब 2 हजार लोगों को सुरक्षित ठिकाने पर पहुंचा दिया है।

योग्याकर्ता वोल्केनोलॉजी एंड जियोलॉजिकल हजार्ड मिटिगेशन सेंटर के प्रमुख हनिक हमदिया के मुताबिक, मेरापी पर्वत पर फूटने वाला ये सबसे बड़ा ज्वालामुखी है। इसका लावा किसी नदी की तरह बह रहा है। ज्वालामुखी फूटने का अंदाजा नवंबर में ही लगा लिया गया था, जिसके बाद प्रशासन ने पहले ही राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया था।

इंडोनेशिया में वैसे तो दर्जनों ज्वालामुखी हैं, लेकिन इस ज्वालामुखी को काफी ज्यादा एक्टिव माना जाता है। ये ज्वालामुखी काफी भीड़बभाड़ वाले जावा द्वीप के पास है। इससे पहले साल 2010 में भीषण ज्वालामुखी फूटा था, जिसमें 347 से ज्यादा लोग लावे में जलकर मर गये थे। सबसे भयानक ज्वालामुखी 1883 में फूटा था, जिसमें 36 हजार से ज्यादा लोग जलकर भस्म हो गए थे।

 

 

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