मप्र: 6 जुलाई से सुबह 10 बजे हर घर में बजेगी स्कूल की घंटी, ऐसे होगी बच्चों की पढ़ाई

चैतन्य भारत न्यूज

भोपाल. मध्य प्रदेश में अब ऑनलाइन पढ़ाई के साथ ही बच्चों को घर में ही स्कूल का वातावरण देने की तैयारी हो रही है। जल्द ही स्कूल शिक्षा विभाग ‘हमारा घर हमारा विद्यालय’ (Hamara Ghar Hamara Vidyalaya) नाम से एक योजना शुरू करने जा रहा है। इसके तहत स्कूली छात्रों को घर में ही स्कूल जैसा वातवरण दिया जाएगा।

6 जुलाई से शुरू होगी योजना

जैसे स्कूल में घंटी बजने पर बच्चे अपने-अपने बैग लेकर कक्षाओं में आ जाते हैं, वैसे ही हमारा घर हमारा विद्यालय योजना के तहत शिक्षक घंटी बजाकर कक्षा की शुरुआत करेंगे। इस योजना की शुरुआत 6 जुलाई से होगी। जानकारी के मुताबिक, सुबह 10 बजे से लेकर दोपहर एक तक एक-एक घंटे की कक्षाएं लगाई जाएंगी। दोपहर एक बजे के बाद बच्चों का अवकाश घोषित किया जाएगा। पहली से लेकर आठवीं तक के छात्र-छात्राओं के लिए हमारा घर हमारा विद्यालय के तहत अब शिक्षक छात्र- छात्राओं की विषय बार तैयारी करवाएंगे। पढ़ाई के साथ दूसरी गतिविधियों के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने समय सारणी तैयार की है।

4 जुलाई तक पालकों को किताबें बांटी जाएगी

जिला शिक्षाधिकारी सैयद अतिक अली ने बताया 1 से 4 जुलाई के बीच सभी सरकारी स्कूलों से बच्चों के पालकों को किताबें बांट दी जाएगी। जो पालक स्कूल नहीं आ पाएंगे, उन्हें घर जाकर किताबें दी जाएगी। घर पर सुबह 10 से दोपहर 1 बजे तक स्कूल संचालन का समय रहेगा। इसकी पूरी जानकारी शिक्षक हर पालक को देगा। 10 बजे घर पर थाली या घंटी बजाकर बच्चाें को पढ़ाई के लिए बैठाया जाएगा और सप्ताहवार दी गई हर दिन की गतिविधि कराई जाएगी।

शिक्षक 5 विद्यार्थियों से मोबाइल पर करेंगे चर्चा

इस योजना के तहत शिक्षक हर दिन 5 बच्चों से मोबाइल पर चर्चा करेंगे। पढ़ाई को लेकर उनकी समस्याएं जानेंगे और समस्याओं को सुलझाने का प्रयास करेंगे। मोबाइल पर चर्चा करने के साथ ही कम से कम 5 विद्यार्थियों के घर जाकर रोजाना संपर्क कर माता-पिता से पढ़ाई का फीडबैक लेंगे। साथ ही स्कूली छात्र- छात्राओं की पढ़ाई के स्तर का आकलन भी करेंगे।

ऐसे चलेगा अभियान, शिक्षक करेंगे बच्चों की मॉनिटरिंग

  • 6 जुलाई से स्कूलों में ‘हमारा घर हमारा विद्यालय’ अभियान शुरू होगा।
  • कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थी पढ़ाई करेंगे।
  • 1 से 4 जुलाई तक पाठ्य पुस्तकों का वितरण होगा।
  • मोबाइल, रेडियो, टीवी, पाठ्य पुस्तकों, वर्कबुक से होगी पढाई।
  • प्रतिदिन सुबह 10 से दोपहर 1 बजे तक बच्चे घरों में एक स्थान पर बैठकर करेंगे पढ़ाई।
  • दोपहर 1 बजे छुट्टी होगी।
  • शाम 4 से 5 बजे तक सभी बच्चों के लिए खेलकूद या कलात्मक गतिविधियों के लिए समय होगा।
  • शाम 7 से 8 बजे तक बच्चे अपने घर के बुजुर्गों से कहानी या किस्से सुनेंगे और उसे लिखेंगे।
  • प्रत्येक शनिवार को मस्ती की पाठशाला में रोचक गतिविधियां होंगी।
  • घर के एक सदस्य द्वारा घंटी-थाली बजाकर घर में बच्चों को पढ़ने के लिए बैठाया जाएगा।
  • हर सप्ताह पढ़ाई का नया टाइम टेबल बताया जाएगा।

शिक्षकों की जिम्मेदारी

  • प्रत्येक बच्चे को साप्ताहिक अध्ययन योजना प्राप्त हो गई है।
  • प्रतिदिन अपने स्कूल के 5 बच्चों से मोबाइल से चर्चा कर शिक्षण प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त कर सुझाव देना है।
  • बच्चों के घर जाकर हमारा घर हमारा विद्यालय के कार्य का अवलोकन करना है।
  • बच्चों से उनकी समस्या पूछकर समाधान भी करेंगे।

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