मप्र: जेल भेजे गए कंप्यूटर बाबा, आश्रम पर चला हथौड़ा, एक्शन से बिफरी कांग्रेस ने बीजेपी से पूछा- 15 साल संत थे, अब शैतान दिखने लगे

चैतन्य भारत न्यूज

मध्य प्रदेश में कभी कैबिनेट मंत्री का दर्जा हासिल करने वाले और कांग्रेस पार्टी के करीबी रहे कंप्यूटर बाबा अब परेशानी में घिर गए हैं। इंदौर में प्रिवेंटिव डिटेंशन के तहत कंप्यूटर बाबा उर्फ नामदेव दास त्यागी को पुलिस ने हिरासत में लेकर सेंट्रल जेल भेज दिया है। साथ ही बाबा के गोम्मट गिरी वाले आश्रम पर प्रशासन का बुलडोजर चला दिया है।

इंदौर में नामदेव दास त्यागी उर्फ कंप्यूटर बाबा के खिलाफ अवैध कब्जे के मामले में कार्रवाई की गई। प्रशासन की इस कार्रवाई के तहत कंप्यूटर बाबा सहित 7 लोगों को जेल भेजा गया है। कंप्यूटर बाबा के अहिल्यापुरी एक्सटेंशन में और सुपर कॉरिडोर पर करीब साढ़े तीन हजार वर्गफीट एरिया में भी कब्जे मिले हैं। इसमें अहिल्यापुरी मामले में निगम द्वारा जांच हो रही है। इन सभी जगहों पर भी अब जल्द कब्जे हटाने की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, प्रशासन को बाबा के कई बैंक अकाउंट होने और उनमें असामान्य तरीके से पैसा जमा होने की भी शिकायतें मिली हैं। प्रशासन ने बाबा की जमीनों के साथ ही उनके खातों की भी जांच शुरू करवा दी है। जरूरत होने पर आयकर विभाग की मदद ली जाएगी।

कंप्यूटर बाबा के खिलाफ शिवराज सरकार की कार्रवाई पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने कहा है कि शिवराज सरकार बदले की भावना से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि खुद शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें राज्यमंत्री बनाया था उस समय वो बीजेपी के लिए संत थे लेकिन अब शैतान दिखने लगे।

पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह भी आज कंप्यूटर बाबा से मिलने सेंट्रल जेल जाने वाले थे लेकि अब उनका इंदौरा दौरा टल गया है। कहा जा रहा है कि दिग्विजय सिंह आज अचानक दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। बैठक बुलाए जाने को लेकर वे दिल्ली हुए रवाना हुए हैं। कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि, ‘इंदौर में बदले की भावना से कंप्यूटर बाबा का आश्रम व मंदिर बिना नोटिस दिए तोड़ा जा रहा है। यह राजनीतिक प्रतिशोध की चरम सीमा है।’

सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि, कंप्यूटर बाबा को धर्म की पताका फहराना चाहिए थी, लेकिन वो राजनीति का वायरस फैला रहे थे। उनमें राजनीति का वायरस घुस गया था।

बाबा का है विवादों से पुराना नाता

1. बाबा ने गोम्मटगिरि आश्रम की जमीन पर विवाद के बाद राजबाड़ा पर आमरण अनशन किया था। तब तत्कालीन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अनशन खत्म करवाया था।

2. अंबिकापुरी के श्रीसिद्ध कालीधाम मंदिर को लेकर हुई हत्या के मामले में भी बाबा को लेकर आरोप लगे थे।

3. 2011 में बाबा ने गोम्मटगिरि आश्रम पर लघु कुंभ आयोजित किया था। प्रचार के लिए हेलिकॉप्टर से गांव-गांव में पर्चे वितरित किए थे।

 

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