इंदौर: शिवराज सरकार ने भेजे रेमेडिसिविर इंजेक्शन के 4 हजार डोज

चैतन्य भारत न्यूज

इंदौर. मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस के मामले रोजाना बढ़ते जा रहे हैं। खासकर इंदौर शहर में इसका संक्रमण सबसे ज्यादा फैल रहा है। यहां ना तो अस्पताल में जगह मिल रही थी और ना ही रेमेडिसिविर इंजेक्शन। रेमेडिसिविर को खरीदने के लिए लोग रोजाना दवा की दुकान पर चक्कर काट रहे पर उन्हें निराश होकर लौटना पड़ रहा था। ऐसे में अब शिवराज सरकार ने इंदौर में रेमेडिसिविर इंजेक्शन की आपूर्ति करवाई।


इसकी जानकारी शिवराज कार्यालय द्वारा ट्वीट कर दी गई है। उन्होंने ट्वीट में लिखा कि- ‘मध्यप्रदेश में प्रारम्भ हुई रेमडेसीविर की आपूर्ति। शासकीय चिकित्सा संस्थानों के लिए कल रेमडेसीविर के 4,000 वायल्स इंदौर में प्राप्त हो चुके हैं। इनके विभिन्न मेडिकल कॉलेजों को आवश्यकतानुसार वितरण हेतु व्यवस्था की गयी है।’

उन्होंने एक अन्य ट्वीट में यह भी लिखा कि, ‘निजी चिकित्सालयों में उपयोग के लिए रेमडेसीविर के लगभग 4,000 वायल्स प्राप्त हुए। आज शासकीय चिकित्सा संस्थानों के लिये 5,000 वायल्स और निजी क्षेत्र के लिए 5,000 वायल्स प्राप्त होने की अपेक्षा है।’

इंदौर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. संजय दीक्षित ने बताया कि भोपाल से इसके वितरण की व्यवस्था लागू की गई है। प्रदेश के 13 मेडिकल कॉलेजों को विभिन्न कंपनियों से प्राप्त होने वाले रेमेडिसिविर के डोज भेजे जा रहे हैं। डॉ. संजय दीक्षित ने बताया कि राज्य सरकार से 5 हज़ार डोज प्राप्त हुए थे, जिन्हें भोपाल, रतलाम, खंडवा, विदिशा और सागर भेजा गया है।

सीधे स्टॉकिस्ट के पास जाएंगे इंजेक्शन

रेमेडिसिविर के सप्लाई में कालाबाजारी न होने पाए इसके लिए नई व्यवस्था भी लागू की गई है। इसके अनुसार दवा कंपनियों से इंजेक्शन के डोज सीधे स्टॉकिस्ट तक पहुंचाए जाएंगे, जहां से दवा सीधे बड़े शासकीय अस्पतालों को भेजी जाएगी और अस्पतालों द्वारा मरीजों को जरूरत के अनुसार डोज दिए जाएंगे।

इंदौर में जारी है रेमेडिसिविर की किल्लत

हालांकि, इंदौर में रेमेडिसिविर की किल्लत अभी कम नहीं हुई है। तीसरे दिन भी यहां पर मरीजों के परिजन दवा के मेडिकल स्टोर्स का चक्कर लगा रहे हैं।

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