फ्रांस में हमलाः राष्ट्रपति मैक्रों के खिलाफ भोपाल में मुस्लिमों का जबरदस्त विरोध-प्रदर्शन, शिवराज सरकार सख्त, FIR दर्ज

चैतन्य भारत न्यूज

फ्रांस में हाल ही में इस्लामी कट्टरपंथियों द्वारा आम लोगों के सिर काटने और चाकूबाजी जैसी घटनाओं के बाद राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सख्त रुख अपनाने की बात कही है। इसे लेकर मैक्रों के खिलाफ पूरी दुनिया में मुस्लिमों द्वारा प्रदर्शन किया जा रहा है। तुर्की से लेकर बांग्लादेश तक और अब भारत में भी मैक्रों के खिलाफ जबरदस्त विरोध हो रहा। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से भी एक वीडियो सामने आया है। जिसमें मुस्लिम समुदाय के लोगों को बड़ी संख्या में मैक्रों के खिलाफ प्रदर्शन करते देखा जा सकता है। इससे जुड़ा एक वीडियो ट्वीट कर भाजपा नेता संबित पात्रा ने इसे भयावह बताया है।


सीएम शिवराज का सख्त रुख

राष्ट्रपति मैक्रों द्वारा पैगंबर मोहम्मद पर की गई टिप्पणी के खिलाफ भोपाल में गुरुवार को सैंकड़ों लोग सड़क पर उतर आए और प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन पर शिवराज सरकार ने एक्शन की तैयारी कर ली। इस मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर कहा कि, ‘मध्यप्रदेश शांति का टापू है। इसकी शांति को भंग करने वालों से हम पूरी सख्ती से निपटेंगे। इस मामले में 188 IPC के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जायेगा, वो चाहे कोई भी हो।’


कमलनाथ पर साधा निशाना

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ पर निशाना साधते हुए सीएम शिवराज ने कहा कि, ‘कमलनाथ जी कहते हैं कि वो बिलकुल बेदाग हैं! दाग बड़े गहरे हैं, बेनकाब चेहरे हैं। अगर दुनियाभर के वॉशिंग पाउडर भी यदि इस्तेमाल कर लिए जाएं, तो भी वो दाग धुल नहीं सकते! इसलिए कमलनाथ जी, आप खुद को बेदाग कहना बंद करें!’

इकबाल मैदान में प्रदर्शन

बता दें फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों के खिलाफ भोपाल के इकबाल मैदान में हजारों लोग जुटे थे। इस प्रदर्शन का आयोजन भोपाल मध्य से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने किया था। प्रदर्शन में पहुंचे लोगों के हाथों में तख्तियां थीं और उन्होंने फ्रांसीसी राष्ट्रपति के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस प्रदर्शन पर अब पुलिस ने सख्त रुख अपनाया।

क्यों हो रहा मैक्रों के बयान पर विवाद?

दरअसल, यूरोप में फ्रांस ऐसा देश है, जहां की आबादी में 10 फीसदी मुस्लिम हैं। इनमें ज्यादातर दूसरे देशों या फ्रांस के उपनिवेशों से आए लोग शामिल हैं। सीरिया और इराक में आईएस के उभरने के बाद फ्रांस इस आतंकी संगठन के निशाने पर रहा है। कई आतंकी हमलों के बाद राष्ट्रपति मैक्रों इस्लामी आतंकवाद और कट्टरपंथ से लड़ने की बात कह चुके हैं। एक हालिया इंटरव्यू में मैक्रों ने फ्रांस की धर्मनिरपेक्षता को सर्वोपरि बताते हुए इस्लाम को संकट में पड़ा धर्म बताया था। कुछ ही दिन पहले फ्रांस में पैगंबर मोहम्मद का आपत्तिजनक कार्टून दिखाने वाले एक टीचर की हत्या के बाद मैक्रों ने कट्टरपंथी ताकतों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही। इसके बाद फ्रांस में कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया और कुछ एनजीओ भी बंद किए गए हैं। इसी के खिलाफ दुनियाभर में उनका विरोध जारी है।

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